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अब यूपी में बंद होगा दवा खरीद पर कमीशन का खेल

१३ सितंबर, २०१७ १०:५९ पूर्वाह्न
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अब यूपी में बंद होगा दवा खरीद पर कमीशन का खेल

यूपी में हुए एनआरएचएम घोटाले से पहली बार किसी सरकार ने सबक लेते हुए दवाओं और उपकरणों की खरीद प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करने की कवायद शुरू की है. राजस्थान और तामिलनाडु की तर्ज पर अब यूपी सरकार दवाओं और उपकरणों की खरीद के लिए सेंट्रली परचेज सिस्टम लागू करेगी. इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट ने यूपी मेडिकल सप्लाइज कारपोरेशन (यूपीएमएससी) के गठन के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी. राज्य सरकार एक साल के भीतर कॉरपोरेशन का गठन करने जा रही है जिसके बाद स्थानीय स्तर पर होने वाली दवाओं की लोकल परचेज पर पूरी तरह रोक लगा दी जाएगी.

स्वास्थ्य मंत्री एवं राज्य सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि लोकल परचेस में भ्रष्टाचार की सबसे ज्यादा शिकायतें हैं. कॉरपोरेशन के गठन के बाद दवाओं और उपकरणों की सेंट्रली परचेज करने के बाद उन्हें मंडल मुख्यालयों में भेजा जाएगा, जहां से वे जिलों को आवश्यकतानुसार उपलब्ध करा दी जाएंगी. इसके साथ ही दवाओं और उपकरणों की खरीद के लिए सीएमओ को दिए जाने वाले करीब 80 फीसदी बजट को भी बंद कर दिया जाएगा. तय हुआ कि कारपोरेशन का मुखिया आईएएस अधिकारी को बनाया जाएगा जो बतौर एमडी खरीद प्रक्रिया को पूरा कराएगा. फिलहाल कॉरपोरेशन का गठन होने तक पुराने तौर-तरीकों से ही दवाओं और उपकरणों की खरीद जारी रहेगी. मालूम हो कि वर्तमान में रेट कांट्रैक्ट और सीएमएसडी के तहत टेंडर करा के खरीद होती है.

लोकल परचेस में भ्रष्टाचार की सबसे ज्यादा शिकायतें हैं. कॉरपोरेशन के गठन के बाद दवाओं और उपकरणों की सेंट्रली परचेज करने के बाद उन्हें मंडल मुख्यालयों में भेजा जाएगा, जहां से वे जिलों को आवश्यकतानुसार उपलब्ध करा दी जाएंगी.

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स्रोत: inextlive.jagran.com

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