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अंदरूनी कलह से गिर जायेगी कुमारस्वामी सरकार

१६ जनवरी, २०१९ ५:०३ पूर्वाह्न
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नयी दिल्ली. भाजपा के वरिष्ठ नेता और कर्नाटक के लिए पार्टी प्रभारी पी मुरलीधर राव ने मंगलवार को कहा कि राज्य में जदएस-कांग्रेस सरकार अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा नहीं कर सकती है और अंदरूनी कलह के कारण यह सरकार खुद ही गिर जायेगी. वहीं, महाराष्ट्र से भाजपा के एक मंत्री राम शिंदे ने दावा किया कि कुमारस्वामी नीत सरकार दो दिन में गिर जायेगी.

पिछले कुछ दिनों से सत्तारूढ़ कांग्रेस-जदएस गठबंधन और विपक्षी भाजपा एक-दूसरे के विधायकों को लुभाने के आरोप लगा रहे हैं. कांग्रेस ने दावा किया है कि उसके कई विधायक लापता हो गये हैं, जबकि भाजपा ने अपने 104 विधायकों को दिल्ली के निकट हरियाणा में एक रिजॉर्ट में ठहराया है. राव ने भाजपा द्वारा सरकार को गिराने का प्रयास करने संबंधी खबरों को खारिज करते हुए दावा किया, समस्या कांग्रेस के भीतर है, क्योंकि उसके नेता डीके शिवकुमार सरकार का नेतृत्व करना चाहते हैं. राव ने कहा, समस्या आंतरिक प्रतिद्वंद्विता है और गठबंधन के भीतर व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं का टकराव है, खासकर कांग्रेस के भीत. सरकार का नेतृत्व करने की आकांक्षा रखने वाले डीके शिवकुमार को समस्या है जो अब कांग्रेस की एक समस्या बन गये हैं.

गठबंधन को अवसरवादी और अस्वाभाविक बताते हुए राव ने कहा कि 79 विधायकों वाली एक पार्टी ने एक ऐसी पार्टी को समर्थन दिया जिसके पास अपने विधायकों की संख्या से आधे से भी कम विधायक है, तो ऐसे में यह सरकार स्थिर नहीं हो सकती है. उन्होंने कहा, भाजपा को सत्ता में आने से रोकने के लिए यह एक अवसरवादी गठबंधन है. आप एक स्थिर सरकार की उम्मीद कैसे कर सकते हैं, जब 79 विधायकों वाली एक पार्टी ने केवल 37 विधायकों वाली पार्टी को समर्थन दे दिया. यह सरकार अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर सकती है. यह राज्य के लोगों द्वारा दिये गये जनादेश और लोगों की इच्छाओं के खिलाफ है. उन्होंने कहा कि भाजपा कर्नाटक सरकार को गिराने का प्रयास नहीं कर रही है.

वहीं, महाराष्ट्र से भाजपा के एक मंत्री ने दावा किया कि कुमारस्वामी नीत सरकार दो दिन में गिर जायेगी. जल संरक्षण, प्रोटोकॉल और ओबीसी मंत्री राम शिंदे ने ये टिप्पणियां कर्नाटक में जारी राजनीतिक उठापटक के बीच की हैं. उन्होंने संवाददाताओं से कहा, कर्नाटक की जनता ने (2018 में) भाजपा के समर्थन में जनादेश दिया था, लेकिन हम (सरकार बनाने से) कुछ अंकों से कम रह गये. चूंकि कांग्रेस-जदएस गठबंधन अस्थिर है, ऐसे में संकेत हैं कि (कुमारस्वामी) सरकार दो दिन में गिर जायेगी. मुंबई के एक होटल में मौजूद दो विधायकों एच नागेश (निर्दलीय) और आर शंकर (केपीजेपी) ने कर्नाटक के राज्यपाल वाजूभाई वाला को पत्र लिखकर अपना समर्थन तत्काल प्रभाव से वापस लेने के फैसले से अवगत कराया. इस पत्र ने राजनीतिक गरमागहमी बढ़ा दी है.

स्रोत: palpalindia.com

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