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आलू की कीमतों में भारी गिरावट, किसानों को नहीं मिल रही है लागत

६ दिसंबर, २०१८ २:५० पूर्वाह्न
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आलू की कीमतों में भारी गिरावट, किसानों को नहीं मिल रही है लागत

नई दिल्ली. उपभोक्ता भले ही 25 से 30 रुपये प्रति किलो की दर से आलू खरीद रहे हों, लेकिन किसानों को लागत भी वसूल नहीं हो पा रही है. नया आलू दिल्ली की आजादपुर मंडी में 6.50 से 10 रुपये प्रति किलो बिक रहा है, जबकि पुराने आलू के भाव घटकर 2 से 7 रुपये प्रति किलो रह गए हैं. जिससे किसानों को भारी घाटा लग रहा है. उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के बहचौला गांव के आलू किसान अंबुज शर्मा ने बताया कि कोल्ड स्टोर में रखे आलू के भाव दिल्ली की आजादपुर मंडी में घटकर 2 से 7 रुपये प्रति किलो रह गए हैं, जिससे परिवहन लागत और कोल्ड स्टोर का किराया भी नहीं निकल रहा है.

उन्होंने बताया कि दो एकड़ में आलू की फसल लग रखी है, लेकिन भाव में आ रही गिरावट से उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ेगा. मंदा दिल्ली की आजादपुर मंडी के पोटेटो ऐंड अनियन मर्चेंट एसोसिएशन (पोमा) के महासचिव राजेंद्र शर्मा ने बताया कि पंजाब और हिमाचल के बाद उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद और संभल से भी नए आलू की आवक शुरू हो गई है तथा आगरा से पुराना आलू कोल्ड स्टोर का आ रहा है. बुधवार को मंडी में 125 से 130 ट्रक आलू की आवक हुई तथा पंजाब के नए आलू का भाव 325 से 425 रुपये प्रति 50 किलो और उत्तर प्रदेश के नए आलू का भाव 400 से 500 रुपये प्रति 50 किलो रहा.

उत्तर प्रदेश के कोल्ड स्टोर के आलू का भाव घटकर 100 से 350 रुपये प्रति 50 किलो रह गया. महीनेभर में ही आलू की कीमतों में 400 से 500 रुपये प्रति क्विंटल का मंदा आ चुका है. पंजाब और उत्तर प्रदेश से और बढ़ेगी आवक उन्होंने बताया कि पंजाब के होशियापूर और हिमाचल के उना से नए आलू की आवक हो रही है, आगामी दिनों में पंजाब के जालंधर और होशियारपुर से नए आलू की आवक बढ़ेगी, साथ ही हरियाणा के साहबाद से भी नया आलू आयेगा. उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद और संभल से तो आवक बढ़ेगी ही साथ ही हापुड़, मेरठ और आगरा से भी नए आलू की आवक बढ़ेगी. दिल्ली में इस समय आलू की दैनिक आवक करीब 125 से 130 ट्रक की हो रही है, इसमें 50 से 55 ट्रक पुराने आलू के आ रहे हैं.

आलू का उत्पादन बढ़ने का अनुमान कृषि मंत्रालय के पहले आरंभिक अनुमान के अनुसार फसल सीजन 2017-18 में आलू का उत्पादन बढ़कर 493,44,000 टन होने का अनुमान है जबकि पिछले साल इसका उत्पादन 486,05,000 टन का ही हुआ था. वित्त वर्ष 2017-18 में बढ़ा निर्यात राष्ट्रीय बागवानी एवं अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान (एनएचआरडीएफ) के अनुसार वित्त वर्ष 2017-18 के पहले 11 महीनों अप्रैल से फरवरी के दौरान 3,07,409 टन आलू का निर्यात हुआ है जबकि वित्त वर्ष 2016-17 में कुल निर्यात 2,55,725 टन का ही हुआ था.

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स्रोत: palpalindia.com

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