NewsHub के साथ गर्मागर्म विषयों पर ताज़ातरीन ख़बरों के अपडेट प्राप्त करें। अभी इन्स्टाल करें।

छठ पूजा के महापर्व की है बड़ी महिमा, बिहार से लेकर अमेरिका तक में धूम

१० नवंबर, २०१८ ८:३६ पूर्वाह्न
8 0
छठ पूजा के महापर्व की है बड़ी महिमा, बिहार से लेकर अमेरिका तक में धूम

बिहार में कार्तिक मास की षष्ठी तिथि को नदी किनारे जल में खड़े होकर सूर्य की पूजा की जाती है। यह पूजा डूबते और उगते सूर्य की होती है। यह भी अपने आपमें अनोखी धारणा और विधान है। निस्तेज की पूजा कोई नहीं करता, परंतु जो सबको तेज देने वाला है, वह भी प्रतिशाम तेजहीन होता है और लोक परंपरा में उसकी भी आराधना होती है। निश्चय ही इस आशा के साथ कि फिर उसका तेज लौटेगा। छठ व्रत के एक गीत की पंक्तियां हैं...

शास्त्रों और सूक्तियों में ज्ञान ही ज्ञान भरे हैं। निश्चितरूपेण वे ज्ञान मनुष्य के व्यक्तिगत, पारिवारिक और सामाजिक जीवन को सुखी व समरस बनाने के हैं। किसी भी काल में उस ज्ञान भंडार में प्रवेश करने, वहां रहकर जीवन रत्न बटोरने की शक्ति जनसाधारण में नहीं रही है। इसलिए हर समाज को पंडितों व ज्ञानियों की आवश्यकता होती रही। वे शास्त्रों और सूक्तियों के अर्थ जनसाधारण की बोलियों में भाषांतर करते रहे हैं। इसी परंपरा में कबीर, रहीम, तुलसी, मीरा, रविदास और भी बहुत से संत हुए, परंतु इनके अलावा भी एक परंपरा समाज में संगम तट पर सरस्वती नदी की तरह अदृश्य होकर भी नि:सरित होती रही है। वह है लोकगीतों की परंपरा। लौकिक परंपरा...

स्रोत: jagran.com

सामाजिक नेटवर्क में शेयर:

टिप्पणियां - 0