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पश्चिम बंगाल हिंसा में 11 लोगों की मौत, मुर्शिदाबाद में रोकी गई वोटिंग, बैलेट पेपर नदी में बहाया

१५ मई, २०१८ ७:२७ पूर्वाह्न
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पश्चिम बंगाल हिंसा में 11 लोगों की मौत, मुर्शिदाबाद में रोकी गई वोटिंग, बैलेट पेपर नदी में बहाया

कोलकाता. पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव के दौरान बड़े पैमाने पर हिंसा हुई है. वोटिंग के लिए कड़े सुरक्षा इंतजामों के प्रशासन के तमाम दावों के बावजूद कई इलाकों में जमकर खूनी संघर्ष हुआ. खबर है कि दोपहर साढ़े तीन बजे तक इन झड़पों में 11 लोगों की मौत हो चुकी है. मौतों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका है. सुबह से ही मतदान के दौरान हिंसा की खबरें मिलनी शुरू हो गई थीं. वहीं, अलग-अलग स्थानों पर हुई झड़पों में 50 से ज्यादा लोग जख्मी हुए हैं.

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) कार्यकर्ताओं ने उत्तरी दिनाजपुर के सोनाडांगी में एक बूथ मे तोड़फोड़ कर उसे लूट लिया और मतपेटियां पानी में फेंक दी. उसके बाद कुछ लोगों ने पानी से यह मतपोटियां निकाली. वहीं मुर्शिदाबाद में भी बूथों पर मतपेटियों की लूट हुई है.

जानकारी के अनुसार दक्षिण 24 परगना में टीएमसी कार्यकर्ता की हत्या कर दी गई वहीं वाम नेता की पत्नी की हत्या कर दी गई. इसके अलावा अलीपुरद्वार में कई लोग घायल हुए हैं जबकि उत्तर 25 परगना में एक देशी बम धमाके में 20 लोग घायल हुए हैं.

इससे पहले राज्य के कूच बिहार में हुई झड़प में 20 से ज्यादा लोग घायल हो गए वहीं कई वाहनों को नुकसान पहुंचा है. स्थानीय लोगों के अनुसार वो लोग मतदान करने के लिए गए थे, लेकिन इस बीच टीएमसी के समर्थकों ने उन पर हमला कर दिया. सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है.

इसके अलावा मुर्शिदाबाद में बूथ कैप्चरिंग की घटना सामने आई है जबकि पनीहाटी में एक भाजपा कार्यकर्ता को चाकू मारकर घायल कर दिया गया है.

राज्य चुनाव में हिंसा को लेकर भाजपा ने टीएमसी पर निशाना साधा है. भाजपा नेता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि यह बेहद निंदनीय है. घटनाएं बताती हैं कि पश्चिम बंगाल में टीएमसी के राज में राजनीतिक हिंसा ने पूरे राज्य को चपेट में ले लिया है और यह लोकतंत्र के लिए खतरे की घंटी है.

बता दें कि चुनाव के पहले राज्य में हुई हिंसा को देखते हुए सभी बूथों पर सशस्त्र बलों की तैनाती की गई है. अतिसंवेदनशील व संवेदनशील बूथों पर विशेष नजर रखी जा रही है.

इस बार पंचायत चुनाव में सत्ताधारी टीएमसी और विपक्षी भाजपा के बीच जोरदार लड़ाई देखने को मिल रही है. अगले साल होने आम चुनावों से पहले के प्रमुख चुनाव होने के कारण इस चुनाव की अहमियत काफी बढ़ गई है. राजनीतिक दल इसे लोकसभा चुनावों से पहले अपनी ताकत के परीक्षण के तौर पर देख रहे हैं. चुनावों की गणना 17 मई को होगी. अगर किसी कारणवश जरूरत पड़ी तो 16 मई को पुनर्मतदान हो सकते हैं.

पश्चिम बंगाल राज्य निर्वाचन आयोग के मुताबिक, 3,358 ग्राम पंचायतों की 48,650 में से 16,814 सीटों पर उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं. वहीं 31 पंचायत समितियों की 9,217 में से 3,059 सीटों पर उम्मीदवारों को निर्विरोध चुना गया है. इसी तरह 20 जिला परिषदों की 825 में से 203 सीटों पर मुकाबला निर्विरोध रहा है.

इस बीच दोपहर दो बजे तक राज्य निर्वाचन आयोग को 500 शिकायतें मिल चुकी हैं. बंगाल बीजेपी के अध्यक्ष दिलीप घोष और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) से बीजेपी में शामिल हुए मुकुल रॉय हिंसा के हालात पर राज्यपाल केसरी नाथ त्रिपाठी से मुलाकात करने वाले हैं. नंदीग्राम में निर्दलीय उम्मीदवार के दो समर्थकों की झड़प के दौरान मौत हुई है. पटकेलबारी इलाके में टीएमसी कार्यकर्ताओं के हमले में निर्दलीय उम्मीदवार के समर्थक शाहिद शेख की जान चली गई. वहीं, नादिया जिले के नकासीपुरा में पोलिंग बूथ से लौट रहे टीएमसी कार्यकर्ता की गोली मार कर हत्या कर दी गई.

बेलदांगा में बीजेपी कार्यकर्ता तपन मंडल की हत्या कर दी गई. आमदांगा में सीपीएम के एक कार्यकर्ता की बम हमले में मौत हुई है. साउथ 24 परगना जिले में टीएमसी कार्यकर्ता आरिफ अली की गोली मार कर हत्या कर दी गई. जलपाईगुड़ी के शिकारपुर में उपद्रवियों ने बैलट बॉक्स को फूंक दिया.

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स्रोत: palpalindia.com

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