NewsHub के साथ गर्मागर्म विषयों पर ताज़ातरीन ख़बरों के अपडेट प्राप्त करें। अभी इन्स्टाल करें।

प्रदीप द्विवेदी: देवी त्रिपुरा सुंदरी के आशीर्वाद के बाद शुरू हुई राहुल की कामयाबी की कहानी?

१४ जनवरी, २०१८ ५:१५ अपराह्न
11 0
प्रदीप द्विवेदी: देवी त्रिपुरा सुंदरी के आशीर्वाद के बाद शुरू हुई राहुल की कामयाबी की कहानी?

राजंदाजी. राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री हरिदेव जोशी के समय से ही गांधी परिवार के सदस्यों के देवी त्रिपुरा सुंदरी के दरबार में आने के कार्यक्रम कई बार बने किन्तु संजोग बन नहीं पाए, अलबत्ता... गांधी परिवार के सदस्यों के लिए संकल्प पूजाएं की गईं!

श्रीमती सोनिया गांधी के कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद धर्मगुरु के सुझाव पर उनके लिए देवी त्रिपुरा सुंदरी संकल्प पूजा करवाई गई थी... इस संदर्भ में संबंद्ध व्यक्ति मौन हैं किन्तु विदेशी मूल के मुद्दे के चलते वे देवी के दरबार में नहीं आ पाईं थी!

प्रसिद्ध धर्मतीर्थ श्रीमोहनखेड़ा के संतों की प्रेरणा-आशीर्वाद से देवी त्रिपुरा के दरबार में पं. लक्ष्मीनारायण द्विवेदी के निर्देशन में कई प्रसिद्ध व्यक्तियों के लिए संकल्प पूजाएं की गईं थीं.

कुछ समय पहले राहुल गांधी वागड़ आए थे तब भी यह चर्चा थी कि राहुल गांधी देवी के दरबार में जाएंगे? लेकिन वे जा नहीं पाए, अलबत्ता... कांग्रेसियों ने देवी त्रिपुरा सुंदरी की तस्वीर उन्हें 19 जुलाई 2017 को भेंट की थी जिसे उन्होंने श्रद्धा से लिया था और देवी का आशीर्वाद प्राप्त किया था... देवी भक्तों का मानना है कि इसके बाद से ही समयचक्र में बदलाव आया है... इसके बाद हुई अमेरिका यात्रा के बाद से राहुल गांधी का एक नया अवतार सामने आया... वे नेगेटिव इमेज से न केवल बाहर आए बल्कि वे लगातार अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत करते जा रहे हैं! उनका तो यह भी मानना है कि यदि उस वक्त राहुल गांधी देवी के दरबार में गए होते तो गुजरात के चुनाव नतीजों की तस्वीर कुछ और होती!

गुजरात विधान सभा चुनाव से राहुल गांधी के नजरिए में बड़ा बदलाव आया है. वे लगातार विभिन्न मंदिरों में पूजा-दर्शनार्थ जा रहे हैं, नतीजा... राजनीति में लगभग शून्य पर आती जा रही कांग्रेस में नई जान आई है!

इस वर्ष राजस्थान, मध्यप्रदेश आदि राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं... राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यहां भी कांग्रेस गुजरात की तर्ज पर चुनाव लड़ेगी, जाहिर है... राहुल गांधी इन प्रदेशों के प्रमुख मंदिरों में भी पूजा-दर्शनार्थ अवश्य जाएंगे!

वागड़ के कांग्रेसियों को भरोसा है कि इस बार देवी त्रिपुरा सुंदरी के दर्शन-पूजा की गांधी परिवार की मनोकामना जरूर पूरी होगी!

यह भी पढ़ें: आखिर इस रक्षा सौदे पर किसने बोला संसद में झूठ

उल्लेखनीय है कि... बीसवीं सदी के उत्तरार्ध से ही देवी त्रिपुरा सुंदरी के दरबार में अनेक राजनेता, राजनीति में सफलता की प्रत्यक्ष/अप्रत्यक्ष मनोकामनाएं लेकर आते रहे हैं तथा सियासत में सफलता के लिए यहां पूजा-दर्शन का आकर्षण लगातार बढ़ता ही जा रहा है.

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री हरिदेव जोशी देवी त्रिपुरा सुंदरी के परमभक्त थे तथा वे ताउम्र देवी के दरबार में आते रहे... देवी त्रिपुरा सुंदरी के दरबार में साठ वर्षों से अधिक ताउम्र निरंतर नवरात्रि साधना करनेवाले पं. लक्ष्मीनारायण वासुदेव द्विवेदी ने देश के अनेक प्रमुख व्यक्तियों को देवी के आशीर्वाद से साक्षात्कार करवाया... श्रीमोहनखेड़ा तीर्थ के प्रमुख संत रवीन्द्र विजय महाराज और ऋषभ विजय महाराज की प्रेरणा से भी यहां कई प्रमुख श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की और देवी का आशीर्वाद प्राप्त किया.

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री हरिदेव जोशी के पिताश्री प्रसिद्ध ज्योतिषी पं. पन्नालाल जोशी ने हरिदेव जोशी को तीन बार मुख्यमंत्री बनने की भविष्यवाणी के साथ-साथ राजनीतिक उतार-चढ़ाव के दौर के मद्देनजर देवी त्रिपुरा सुंदरी की पूजा-आराधना के लिए प्रेरित किया था, इसीलिए हरिदेव जोशी ताउम्र देवी के दरबार में दर्शनार्थ जाते रहे तथा पं. महादेव शुक्ल के निर्देशन में पूजा-अनुष्ठान करते रहे!

यह भी पढ़ें: राहुल की अध्यक्षता में CWC की बैठक जारी

स्रोत: palpalindia.com

सामाजिक नेटवर्क में शेयर:

टिप्पणियां - 0