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प्रदीप द्विवेदी: मोदी- 2019 के लिए, सफल मोदी- 2014 ही चुनौती बनेंगे?

१४ मई, २०१८ ६:२३ अपराह्न
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प्रदीप द्विवेदी: मोदी- 2019 के लिए, सफल मोदी- 2014 ही चुनौती बनेंगे?

इनदिनों. हालांकि केन्द्र की पीएम नरेन्द्र मोदी सरकार के कामकाज को लेकर आए सर्वे को देखें तो पहली नजर में मोदी सरकार की जोरदार कामयाबी नजर आती है लेकिन सच्चाई यही है कि 2019 के मोदी के लिए खुद 2014 के मोदी ही चुनौती बनते जा रहे हैं?

यूपीए सराकर के दस साल के शासन के बाद अच्छे दिनों के सपने दिखा कर सत्ता में आई मोदी सरकार के चार साल पूरे होने पर मोदी सरकार की उपलब्धियों को लेकर एकराय नहीं है. उनकी सरकार के काम-काज और तौर-तरीकों को लेकर देश में बड़ी बहस छिड़ी हुई है, कारण? किसी की नजर में मोदी ने वादे पूरे किए हैं तो कोई कह रहा है कि पीएम मोदी की कथनी और करनी में बड़ा फर्क है! इस बीच कम्यूनिटी सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म द्वारा किए गए सर्वे में प्रत्येक 10 में से 6 लोगों का मानना है कि मोदी सरकार उम्मीदों पर खरी उतरी है या उससे आगे बढ़कर काम किया है. पहली नजर में इस सर्वे के नतीजे केन्द्र की भाजपा सरकार को राहत देने वाले हैं, लेकिन गहराई से देखें तो मोदी सरकार में जन आस्था लगातार कमजोर पड़ रही है और पीएम मोदी के लिए 2014 की मोदी की ही कामयाबी को दोहराना बड़ी चुनौती है?

खबर है कि... सर्वे रिपोर्ट के अनुसार 56 प्रतिशत लोग मान रहे हैं कि मोदी सरकार अपने वादों को पूरा करने के लिए सही ट्रैक पर जा रही है? मतलब... शानदार पर्फोर्मेंस! लेकिन... पिछले साल इसी सर्वे में 59 प्रतिशत लोगों की यही राय थी, अर्थात... एक वर्ष में तीन प्रतिशत की गिरावट? इससे पहले वर्ष 2016 में यही आंकड़ा 64 प्रतिशत था? जाहिर है... मोदी सरकार की विश्वसनीयता में साल-दर-साल कमी आ रही है!

यही नहीं, सर्वे में शामिल लोगों की शिकायत थी कि सांसद अपने क्षेत्र में समय नहीं दे रहे हैं? हालांकि पीएम मोदी नियमितरूप से सांसदों के साथ बैठकों में अपने क्षेत्र की जनता के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखने के लिए जोर देते रहे हैं, लेकिन यह जन शिकायत कमजोर नहीं पड़ी तो 2019 में 2014 की कामयाबी दोहराना संभव नहीं होगा!

सर्वे में केन्द्र सरकार के लिए तसल्ली वाली बात यह है कि हर 10 में से 6 लोगों का मानना है कि मोदी सरकार अपने वादे पूरे करने में कामयाब रही. यही नहींं, सर्वे में शामिल लोगों में से तीन चौथाई ने भारत की पाकिस्तान के खिलाफ नीति का भी समर्थन किया है. करीब 54 प्रतिशत लोगों का कहना है कि टैक्स टेररेज्म घटा है और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर योजना कामयाब रही है.

सर्वे में मोदी सरकार को सबसे बड़ी राहत जीएसटी और नोटबंदी के मुद्दों पर मिली है कि 32 प्रतिशत लोगों का कहना है कि जीएसटी के बाद उनका रोजमर्रा का खर्च कम हुआ है.

इस सर्वे में तैइस अलग-अलग मानकों- जीवन स्तर, सांप्रदायिकता, रोजगार, महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध आदि पर लोगों से राय मांगी गयी थी. सर्वे में शामिल 60 प्रतिशत लोगों ने कहा कि जीएसटी से उन्हें नहीं लगता कि महंगाई पर कोई असर पड़ा है?

सर्वे सारांश यही है कि... केन्द्र की पीएम मोदी सरकार पर अभी भी जनता का भरोसा कायम जरूर है, लेकिन इसमें लगातार कमी आ रही है... समय रहते लोगों की बदलती धारणा पर नियंत्रण नहीं पाया गया तो 2019 की भाजपा के लिए 2014 की भाजपा की कामयाबी दोहराना ही बड़ी चुनौती रहेगी!

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स्रोत: palpalindia.com

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