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फीस के नाम पर एक साल में 80 लाख की अवैध वसूली कर रहा सिल्ली पॉलिटेक्निक

१४ जून, २०१८ १२:२९ अपराह्न
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फीस के नाम पर एक साल में 80 लाख की अवैध वसूली कर रहा सिल्ली पॉलिटेक्निक

Ranchi : राज्य सरकार शिक्षा को लेकर कितनी चिंतित है, ये तो इंटर और मैट्रिक के रिजल्ट ने बता दिया है. लेकिन तकनीकी और उच्च शिक्षा को लेकर भी सरकार और विभाग उदासीन हैं, इसका फायदा प्राईवेट और पीपीपी मोड पर चलने वाले तकनीकी संस्थान उठा रहे हैं. सिर्फ टेक्नो इंडिया सिल्ली की बात करें तो वो एक साल में अवैध रुप से फीस के नाम पर करीब 80 लाख रुपये सालाना की उगाही करता है. वहीं नए सत्र से फीस में भी वृद्धि किया जा चुका है. नए सत्र के छात्रों से 52 हजार रुपये सालाना वसूलने की तैयारी कर चुका है कॉलेज प्रबंधन.

केंद्र सरकार द्वारा जारी सरकारी एप Know My college जिसके तहत राज्यों में संचालित होने वाले प्राइवेट और पीपीपी मोड के कॉलेजों की जानकारी प्राप्त की जा सकती है. कॉलेजों में जाकर लिये जाने वाले फीस की भी जानकारी मिल सकती है, कॉलेजों को साइट में अपने फीस स्ट्रकचर की जानकारी देनी अनिवार्य है, उस एप में सत्र 15-16 के लिए 15 हजार सलाना फीस को दिखाया गया है. जबकि कॉलेज ने छात्रों से 42 हजार तक वसूले हैं. वहीं राज्य के फीस निर्धारण कमेटी द्वारा जारी रिपोर्ट में सिल्ली कॉलेज के डिप्लोमा कोर्सेस की फीस को इंजीनियरिंग कॉलेज की फीस से अधिक बतायी गयी है. सवाल ये उठता है कि अगर फीस अधिक है, तो केंद्र के एप में 15 हजार क्यों दर्शाया गया है. या फिर फीस निर्धारण कमिटी से ही सेटिंग कर ली गयी है.

हॉस्टल के लिए जो फीस वसूली जा रही है, वो भी फीस रेग्युलेशन के विपरित है. हॅास्टल के लिए छात्रों से सालाना 15 हजार रुपये लिए जा रहे हैं, जबकि सरकारी नियमों के हिसाब से सरकार द्वारा बनायी गयी बिल्डिंग और सरकारी हॉस्टल जो पीपीपी मोड पर संचालित किये जा रहे हैं, वो नो प्रोफिट नो लोस के हिसाब से पैसे लिये जाएंगे, पर इसका भी पालन नहीं किया जा रहा है.

स्रोत: newswing.com

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