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बकोरिया कांड को लेकर तीसरे दिन भी विधानसभा के बाहर हंगामा, विधायकों ने न्यूज विंग लहराया, सदन स्थगित

१९ जनवरी, २०१८ ६:०८ पूर्वाह्न
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बकोरिया कांड को लेकर तीसरे दिन भी विधानसभा के बाहर हंगामा, विधायकों ने न्यूज विंग लहराया, सदन स्थगित

Ranchi : बकोरिया कांड मामला तुल पकड़ता जा रहा है. दिनों दिन इसे लेकर विरोध बढ़ता ही जा रहा है. वहीं विधानसभा को बाहर तीसरे दिन बकोरिया कांड को लेकर विधायकों नें हंगामा किया और साथ ही उन्होंने न्यूज विंग लहराया. उल्लेखनीय है कि न्यूज विंग लगातार बकोरिया कांड को लेकर खुलासा करता आ रहा है. और प्रमुखता से इस खबर के हर एक पहलु को जनता के सामने लेकर आ रहा है.

बजट सत्र के तीसरे दिन भी विधानसभा के बाहर विपक्ष के विधायकों ने जोरदार हंगामा किया. प्रदर्शन के दौरान नारे लगाए गये कि मुख्य सचिव राजबाला वर्मा, डीजीपी डीके पांडेय और एडीजी को अविलंब पदमुक्त किया जाए. ठीक 11:00 बजे सदन कक्ष में अध्यक्ष ने प्रवेश किया. अध्यक्ष के प्रवेश करते ही विपक्षी दलों के विधायकों ने फिर से हंगामा करना शुरू कर दिया.

नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन ने कहा कि जब हमारी बात विधानसभा में नहीं सुनी जायेगी तो हम किस दरवाजे से सवाल लेकर सदन के अंदर आएं. सदन में लोग कहते हैं कि जो सदन के सदस्य नहीं है उनके बारे में चर्चा ना हो तो क्या सिर्फ सदन में उन्हीं के बारे चर्चा हो जो सदन के सदस्य हैं. गरीब जनता भी तो सदन के सदस्य नहीं होती हैं, फिर उनके बारे चर्चा क्यों की जाती है. हमें किसी के नाम से मतलब नहीं है हम पद की गरिमा को बरकरार रखना चाहते हैं, और व्यवस्थाएं तभी बेहतर होंगी जब आरोपी पदाधिकारियों पर कार्रवाई की जायेगी.

इसी बीच सत्ता पक्ष के विधायक अनंत ओझा ने खड़े होकर आरोप लगाया कि रोज ही विपक्ष सदन नहीं चलने दे रहा है. अनंत ओझा ने यह भी कहा कि विपक्ष अब दबंगई कर रहा है. इस पर विपक्ष ने अपनी आपत्ति जतायी और दबंग शब्द को वापस लेने को कहा. इसी बीच सदन के अध्यक्ष दिनेश उरांव ने कहा किस सदन की स्थिति को देखकर यह लगता है कि प्रश्नकाल को चलने नहीं दिया जायेगा तो क्या ऐसे में प्रश्नकाल को बंद कर दिया जाना चाहिये.

इसी बीच प्रदीप यादव अपनी कुर्सी से खड़े होते हैं और कहते हैं कि सारे लोग जनता के लिए ही विधानसभा में आए हैं. हमारा बस दो ही सवाल है. पहला यह है कि इलेक्शन कमीशन का एक पत्र सीएस के नाम आया और उसमें एडीजी पर एफआईआर करने का निर्देश दिया गया था. लेकिन, सरकार ने अपनी तरफ से कोई कार्रवाई क्यों नहीं की. प्रदीप यादव के इतना कहते ही सत्ता पक्ष के विधायक अपनी कुर्सी पर खड़े हो गये और विपक्ष पर आरोप लगाना शुरु कर दिया. उन्होंने प्रदीप यादव को दूसरा प्रश्न करने का मौका भी नहीं दिया. वहीं मनीष जायसवाल, ढुल्लू महतो, निर्भय शाहबादी और जानकी यादव ने जोरदार हंगामा किया. ढुल्लू महतो ने कहा कि एक ही आदमी सदन में बार-बार बोल रहा है. क्या एक ही आदमी की सुनी जायेगी. यह कहां का नियम है. अध्यक्ष बार-बार सभी को बैठने का निर्देश देते रहे. लेकिन हंगामा होता रहा. इसी बीच अध्यक्ष ने ठीक 11:20 पर सदन को 12:15 तक के लिए स्थगित कर दिया और सभी दलों के विधायकों को बैठक के लिए अपने कक्ष में बुलाया. बैठक के बाद सदन की कार्यवाई शुरू की गयी. 1738 करोड़ का अनुपूरक बजट पेश किया गया. जिसके बाद सदन को वापस दो बजे तक के लिये स्थगित कर दिया गया.

स्रोत: newswing.com

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