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बुनियादी सुविधाओं से वंचित है रांचीवासी, फिर भी रांची हैं सिटीजन फीडबैक में अव्वल

१७ मई, २०१८ ५:४९ पूर्वाह्न
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बुनियादी सुविधाओं से वंचित है रांचीवासी, फिर भी रांची हैं सिटीजन फीडबैक में अव्वल

Ranchi : हमेशा सुना जाने वाला हिन्दी में एक स्लोगन है “हर व्यक्ति की यही पुकार, स्वच्छ देश हो अपना यार”......यह सही है कि स्वच्छता लोगों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए बहुत जरुरी है. केंद्र सरकार की स्वच्छ भारत मिशन अभियान की स्वच्छता सर्वेक्षण रिपोर्ट को देखें, तो झारखंड व रांची शहर बेहतर प्रदर्शन करने की दिशा में काफी अग्रसर है. लेकिन क्या केवल स्वच्छता भर कह देने से ही लोगों की सारी सुविधा की बात की जा सकती है, वो भी तब जब देश को मिली आजादी के 71 साल बीत जाने के बाद भी शहर के लोग कई तरह की बुनियादी सुविधाएं जैसे पानी, बिजली, परिवहन व्यवस्था से वंचित हैं.

शहर में तेजी से बढ़ते प्रकोप का प्रभाव शहरवासियों को भुगतना पड़ रहा है. इतनी भीषण गर्मी में भी लोगों को ना तो सही तरह से पानी मिल पा रहा है, ना ही बिजली. अगर पानी की सप्लाई हो भी रही है, तो वह पानी इतना गंदा और बदबूदार है कि उससे नहाना तो दूर कपड़े भी नहीं धो सकते.

स्थिति यह है कि आज भी नगर निगम बोर्ड की बैठक में पार्षदों का निगम के अधिकारियों के खिलाफ गुस्सा देखा जाता रहा है. बुधवार को नगर निगम बोर्ड की हुई बैठक में सभी पार्षदों ने पेयजलापूर्ति विभाग के अधिकारियों द्वारा अपने साथ किये जा रहे गलत व्यवहार, परेशानी के वक्त उनका फोन नहीं उठाने जैसे मुद्दों पर जमकर नारेबाजी की थी.

बैठक में पार्षदों ने मेयर, डिप्टी मेयर के समक्ष जलसंकट की समस्या को लेकर खूब हंगामा किया. पार्षदों के मुताबिक राजधानी के लोगों से नगर निगम कई करोड़ सलाना टैक्स वसूल रही है, इसके बावजूद लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है. स्थिति का आलम यह है कि कई लाख शहरवासियों को पानी संकट का सामना करना पड़ रहा है.

शहरवासियों को मिल रहा सप्लाई का पानी बहुत ही गंदा और बदबूदार रहता है. लोग उससे नहाने की बात तो दूर कपड़े भी नहीं धो सकते. कई बार नगर निगम के अधिकारियों को भी शिकायत की जा चुकी है, लेकिन कोई समाधान नहीं हो रहा. इससे यहां के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. बोर्ड की बैठक में पार्षदों का कहना है कि विभाग इसे गंभीरता से नहीं ले रहा है उन्होंने कहा की यदि विभाग अब भी कोई कदम नहीं उठता तो सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे.

देशभर के राज्यों की राजधानी की स्वच्छता रैंकिग में सिटीजन फीडबैक के मामले रांची ने पहला स्थान प्राप्त किया है. लेकिन आलम यह है कि आज भी लोगों को कई तरह की गंदगी का सामना कर पड़ रहा है. इसका जीता जागता उदाहरण न्यूज विंग के संवादादाता को गुरुवार सुबह 10 बजे भाजपा मुख्यालय के समक्ष देखने को मिला. जहां एक कुत्ते का शव पड़े होने से लोगों को बदबू का सामना करना पड़ रहा है. यह स्थिति वैसे सड़क की है जहां प्रतिदिन राज्य के मुख्यमंत्री, मंत्री, आला अधिकारी आदि का आना जाना है.

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स्रोत: newswing.com

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