NewsHub के साथ गर्मागर्म विषयों पर ताज़ातरीन ख़बरों के अपडेट प्राप्त करें। अभी इन्स्टाल करें।

मखमली आवाज के जादूगर थे जगजीत सिंह, जब जगत को लिया जीत

८ फ़रवरी, २०१८ ५:५७ पूर्वाह्न
6 0
मखमली आवाज के जादूगर थे जगजीत सिंह, जब जगत को लिया जीत

फरवरी में सर्दी के कमजोर पड़ते सुरों और गर्मी के सुरों के गमकने से पहले के बीच....एक आवाज सुनाई देती है। जैसे कोई मध्‍य षड़ज से होती हुई बात का निकलना और दूर तलक जाना दर्ज कर रही हो...। इसे गौर से सुनें....पहचानें....यह आवाज़ घर की बिखरी हुई चीजों को सहेजने में थकते आदमी के दिल की आवाज़ है....यह वह आवाज़ है जो शुरूआती इश्‍क की फूलों से महकी पगडंडी पर सुनाई देती है....यही आवाज़ इश्‍क के बीहड़ में खुद को घसीटते हुए आदमी का बयान भी बन जाती है ...यह आवाज़ किसी मोड़ से जिंदगी को फिर शुरू करने का हौसला है....यह आवाज़ जख्‍म भी है, मरहम भी। यह आवाज आठ फरवरी के दिन इस संसार में ऐसे राज्‍य यानी राजस्‍थान में पैदा हुई थी जिसके यहां महलों से सटी झीलों की गहराई है, अरावली पर्वत जितनी ऊंचाई, जैसलमेर जैसा रेगिस्‍तान... जहां माउंट आबू जैसा सर्द पहाड़ ....और जहां रेतीली खुरदराहट को आवाज की मखमल ओढ़ाए कोई मेहदी हसन भी पैदा हुआ था!!!

!

स्रोत: jagran.com

सामाजिक नेटवर्क में शेयर:

टिप्पणियां - 0