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मैं किसी को 'इंदु सरकार' नहीं दिखाऊंगा

१७ जुलाई, २०१७ ४:१३ पूर्वाह्न
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भंडारकर ने यहां आईएएनएस को दिए साक्षात्कार में कहा, "मैं इस पूरे मामले का राजनीतिकरण नहीं करना चाहता। अतंत: फिल्म की कहानी राजनीति के बारे में नहीं है। यह आपातकाल के समय की है। हम इसे राजनीति से नहीं जोड़ना चाहते, हम इसकी रिलीज चाहते हैं, ताकि हर इंसान इस फिल्म के साथ जुड़ सके।"

उन्होंने इस पर जोर देते हुए कहा, "मैं रिलीज तारीख को छोड़ना नहीं चाहता।"

भंडारकर (48) ने इस पर कहा, "मैं फिल्म नहीं दिखाऊंगा, अगर कोई फिल्म बाद में देखना चाहता है तो हम सोचेंगे। पहले अधिकारियों को फिल्म को पास करने दीजिए, तब तक मैं किसी को फिल्म नहीं दिखाऊंगा। सेंसर को फैसला लेने दीजिए। मुझे लगता कि पुनरीक्षण समिति कहीं अधिक उदार होगी।"

झल्लाए भंडारकर ने सवालिया लहजे में कहा, "लोग कह रहे थे कि फिल्म प्रायोजित है, अब वे चुप क्यों हैं? मुझसे कट लगाने के लिए कहे जाने पर अब वे बात क्यों नहीं कर रहे हैं?"

फिल्मकार ने कहा, "जगदीश टाइटलर फिल्म में साफ-सुथरी छवि चाहते हैं, लेकिन उन्होंने फिल्म नहीं देखी है, तो वह ऐसा कैसे कह सकते हैं? वे लोग उत्तेजित हैं जिसका कोई तुक नहीं है। क्या मैंने फिल्म में उनका (टाइटलर का) नाम लिया है? नहीं, फिर क्यों? पहले वह फिल्म देखें फिर फैसला करें।"

इस पर फिल्मकार ने कहा, "मैंने उनसे कहा, आप किस तरह का मापदंड इस्तेमाल कर रहे हैं? ट्रेलर पास हो चुका है। 'अब इस देश में गांधी के मायने बदल चुके हैं' जैसी लाइन ट्रेलर में पास हुई है, तो फिर आप फिल्म में इन शब्दों को रखने की अनुमति क्यों नहीं दे रहे हैं?"

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स्रोत: newswing.com

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