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सिंधु घाटी सभ्यता 900 साल के सूखे की वजह से हो गयी थी नष्ट

१६ अप्रैल, २०१८ १०:२१ पूर्वाह्न
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सिंधु घाटी सभ्यता 900 साल के सूखे की वजह से हो गयी थी नष्ट

Kharagpur : आईआईटी खड़गपुर के वैज्ञानिकों ने सिंधु घाटी सभ्यता का राज खोला है. उनके अनुसार आज से लगभग 4350 साल पूर्व सिंधु घाटी सभ्यता के नष्ट होने की वजह था सूखा. इस सूखे की अवधि 900 वर्ष थी. वैज्ञानिकों ने अपने एक शोध में पता लगा कि यह भयावह सूखा कुछ साल या कुछ दशक तक नहीं बल्कि पूरे 900 साल तक चला था. इसी क्रम में वैज्ञानिकों ने उस थ्योरी को नकार दिया, जिसमें 200 साल में ही सूखे के खत्म हो जाने की बात कही गयी थी. गौरतलब है कि भूगर्भशास्त्र और भू-भौतिकी विभाग के शोधकर्ताओं ने 5000 हजार साल के दौरान मॉनसून के पैटर्न की समीक्षा की और पाया कि लगभग 900 साल तक नॉर्थ-वेस्ट हिमालय में बारिश नहीं के बराबर हुई. शोधकर्ताओं ने लेह-लद्दाख की झील में 5000 साल तक के मॉनसून के पैटर्न्स को पढ़ा.

शोध में पाया गया कि 2,350 बीसी यानी 4,350 साल पहले से 1,450 बीसी तक, मॉनसून सभ्यता वाले इलाके में काफी कमजोर होने लगा था. यहां धीरे-धीरे सूखा पड़ने लगा. ऐसे में लोग हरे इलाकों की ओर पलायन करने लगे. इस वजह से नदियां जो बारिश से उफनी रहती थीं, वे सूख गयी. इन नदियों के पास ही सिंधु घाटी सभ्यता की बसावट थी. उनके अनुसार नदियों में पानी खत्म होने से लोग पूर्व और दक्षिण की ओर चले गये. जहां बारिश बेहतर होती थी. इन घाटियों से पलायन कर रहे लोग गंगा-यमुना घाटी की ओर से मध्य प्रदेश, विंध्याचल और गुजरात और केंद्रीय यूपी, बिहार और पश्चिम बंगाल की ओर चले गये. बता दें कि सिंधु नदी के पास बसने के कारण ही इस सभ्यता का नाम सिंधु घाटी सभ्यता पड़ा था, लेकिन इसके निशान रावी, चिनाब, व्यास और सतलज के किनारे भी मिलते हैं.

स्रोत: newswing.com

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