NewsHub के साथ गर्मागर्म विषयों पर ताज़ातरीन ख़बरों के अपडेट प्राप्त करें। अभी इन्स्टाल करें।

50 करोड़ से ज्यादा इंटरनेट यूजर, ऐसे अफवाहों को रोकना बड़ी चुनौती

३१ दिसंबर, २०१८ २:३० पूर्वाह्न
61 0

लखनऊ. विश्वविद्यालय के इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नॉलजी इन मास कम्युनिकेशन डिपार्टमेंट में फैक्ट्स चेकिंग एंड ऑनलाइन वेरिफिकेशन ऑन सोशल मीडिया फ्लेटफॉर्म विषय पर हुई वर्कशॉप में विशेषज्ञ निमिष कपूर ने कहा कि इंटरनेट के 50 करोड़ से ज्यादा यूजर हैं. ऐसे में अफवाह रोकना आज बहुत बड़ी चुनौती बन गई है. अफवाह फैलाने के मामले में हमारा देश अन्य देशों के मुकाबले कहीं बहुत आगे हैं. गूगल पर रिवर्स इमेज सर्च से फेक फोटो और विडियो वेरिफिकेशन से विडियो कंटेंट की सच्चाई जांची जा सकती है. यू-ट्यूब डेटा व्यूवर टूल्स से अपलोड विडियो की सत्यता जान सकते हैं. भारत में वॉट्सऐप के जरिए फेक न्यूज और अफवाहें फैलने के बाद माब लिंचिंग की अनेक घटनाएं सामने आ चुकी हैं.

सरकार ने वॉट्सऐप को चेतावनी दी कि वह 'गैर-जिम्मेदार और विस्फोटक संदेशों' को अपने प्लेटफॉर्म पर फैलने से रोके. इसके बाद, वॉट्सऐप ने फेक न्यूज को रोकने की दिशा में कुछ कदम भी उठाए हैं. अखबारों में फुल पेज का विज्ञापन देकर वॉट्सऐप ने यूजर्स को फेक न्यूज के प्रति जागरूक किया है. इसके अलावा, मेसेज फॉरवर्डिंग की सीमा तय की है, ताकि थोक के भाव में किसी संदेश को फॉरवर्ड न किए जा सकें. वॉट्सऐप ने एक और प्रमुख फीचर लॉन्च किया है, जिससे यह पता चल सके कि रिसीव किया गया मेसेज फॉरवर्डेड है या ओरिजिनल.

स्रोत: palpalindia.com

सामाजिक नेटवर्क में शेयर:

टिप्पणियां - 0