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CISF के जवानों ने दो आदिवासी मजदूरों को पीटकर तोड़े उनके हाथ

१४ मई, २०१८ ५:५८ पूर्वाह्न
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CISF के जवानों ने दो आदिवासी मजदूरों को पीटकर तोड़े उनके हाथ

Hazaribag: एनटीपीसी के ठेकेदार त्रिवेणी सैनिक कंपनी के कोल माइंस में काम करने वाले मजदूरों की शनिवार की देर रात सुरक्षा में लगे सीआईएसएफ के जवानों ने बेरहमी से पिटाई कर दी. जिसमें दो मजदूरों का हाथ टूट गया. घायलों में इतिज निवासी मुकेश गंझु और उरूब निवासी मिथुन रवानी हैं, जिनके हाथ तोड़ दिए गए. इस घटना से आक्रोशित मजदूर रविवार को आन्दोलन पर उतर आए और काम बंद कर दिया. साइडिंग के पास सभी धरना पर बैठ गए.

मजदूरों ने आरोप लगाया कि सीआईएसएफ के जवान नशे में थे. उन्होंने बेवजह मारपीट किया है. पिटाई करने वालों में इंचार्ज नवीन प्रकाश सिंह, चंद्रदेव यादव, बृज मिश्र, सुभाष सिंह की अहम भूमिका रही. आरोप है कि सीआईएसएफ के जवानों के साथ कंपनी के द्वारा रखे गए बाहरी लठैत भी शामिल थे. लोगों ने कहा कि अगर उनके दर्द को नहीं समझा गया और दोषी पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे एसपी से मिलेंगे और न्याय की गुहार लगाएंगे.

इधर, इस घटना पर बजरंग दल के विभाग संयोजक संजय चौबे ने कहा कि त्रिवेणी सैनिक के लठैतों द्वारा बजरंग दल के कार्यकर्ता के साथ मारपीट की गई है. हमारे कार्यकर्ता स्थानीय मजदूरों के पर किये जा रहे अत्याचार को कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे. अगर दोषी पर कार्रवाई नहीं होती है तो यह घटना बड़े आंदोलन का रुख अख्तियार करेगा. जिसका जिम्मेदार एनटीपीसी व त्रिवेणी सैनिक प्रबंधन होगा. लाठी के बल पर माइंस का संचालन उचित नहीं है. कंपनी बाहरी लठैतों को वापस करे. धरनास्थल पर पहुंचे त्रिवेणी सैनिक के जीएम ए सुब्रमण्यम ने मजदूरों को वापस काम पर लौटने का दबाव बनाया. जीएम ने मजदूरोंं से कहा कि मारपीट सीआईएसएफ के जवानों ने की है, कंपनी के लोगों ने नहीं किया है. इसमें कंपनी का क्या दोष है.

स्रोत: newswing.com

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