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04:21 थायराइड की दवा लेने में की लापरवाही तो हो सकती हैं ये पांच समस्याएं..

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10:58 ये पांच फल, जो आपको मानसून में होने वाले संक्रमण से बचाएंगे

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01:51 स्‍वाद के साथ सेहत भी चाहिए तो भिंडी की शरण में जाइए

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स्वास्थ्य

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  • गाय की मदद से बनाया जा सकता है एड्स का टीका

    २१ जुलाई, २०१७ ३:४४ पूर्वाह्न

    अमरीकी शोधकर्ताओं का कहना है कि एचआईवी से निपटने के लिए वैक्सीन बनाने में गाय काफी मददगार साबित हो सकती है. प्रतिरक्षा के तौर पर ये जानवर लगातार ऐसे विशेष एंटीबॉडीज प्रोड्यूस करते हैं जिनके जरिए एचआईवी को खत्म किया जा सकता है. ऐसा माना जा रहा है कि कॉप्लेक्स और बैक्टीरिया युक्त पाचन तंत्र की वजह से गायों में प्रतिरक्षा की क्षमता ज़्यादा विकसित हो जाती है. अमरीका

  • 'खुद से दवाएं लेने पर बिगड़ सकती है एलर्जी'

    २० जुलाई, २०१७ ६:४५ अपराह्न

    आईएमए के अध्यक्ष डॉ. के.के. अग्रवाल ने कहा, "एलर्जिक राइनाइटिस होने पर नाक अधिक प्रभावित होती है। जब कोई व्यक्ति धूल, पशुओं की सूखी त्वचा, बाल या परागकणों के बीच सांस लेता है तब एलर्जी के लक्षण उत्पन्न होते हैं। ये लक्षण तब भी पैदा हो सकते हैं जब कोई व्यक्ति कोई ऐसा खाद्य पदार्थ खाता है, जिससे उसे एलर्जी हो।" उन्होंने कहा, "शरीर में एलर्जी पैदा होने पर हिस्टामाइन

  • सावधान: मौत का कारण बन सकते हैं इन फलों के बीज

    २० जुलाई, २०१७ १०:०० पूर्वाह्न

    आज तक आपने भी यही सुना होगा कि सेब सेहत के लिए फायदेमंद है. सेहतमंद फलों में से एक माना जाने वाला सेब का बीज सेहत के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है. सेब के अलावा खुबानी, चेरी, बेर और आड़ू के बीज भी मौत का कारण तक बन सकते हैं. सेब के बीज में साइनाइड (जहर) होता है, जो सेहत के लिए खतरनाक है. बीजों में एमेग्डलाइन होता है जो पेट में डाइजेस्टिव एंजाइम से प्रतिक्रिया करने पर साइनाइड

  • एलर्जी होने पर खुद से दवाएं लेना पड़ सकता है भारी

    २० जुलाई, २०१७ ३:५९ पूर्वाह्न

    एलर्जिक राइनाइटिस होने पर नाक अधिक प्रभावित होती है. जब कोई व्यक्ति धूल, पशुओं की सूखी त्वचा, बाल या परागकणों के बीच सांस लेता है तब एलर्जी के लक्षण उत्पन्न होते हैं. इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) का कहना है कि खुद से दवाएं लेने पर एलर्जी और अधिक बिगड़ सकती है. देश के कुल आबादी के लगभग 20 से 30 प्रतिशत लोगों में एलर्जी कारक राइनाइटिस रोग मौजूद हैं. आईएमए

  • जीवनशैली में ये 9 साथ, तो हो सकते हैं पागल

    २० जुलाई, २०१७ २:५० पूर्वाह्न

    लैंसेट में एक अंतरराष्ट्रीय अध्ययन के मुताबिक़ पागलपन के हर तीन से एक मामले को रोका जा सकता है अगर लोग जीवन में मस्तिष्क के स्वास्थ्य का ख़्याल रखें. अध्ययन के मुताबिक पढ़ने-लिखने की आदत में कमी, सुनने में परेशानी, धूम्रपान और शारीरिक तौर पर कम सक्रिय होने से पागलपन का ख़तरा बढ़ सकता है. लंदन में अलज़ाइमर की एसोसिएशन इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में यह अध्ययन पेश किया गया है. अध्ययन के मुताबिक

  • 2 साल की उम्र में काटने पड़े दोनों हाथ-पैर, अब डॉक्टरों ने किया हाथों का सफल प्रतिरोपण

    १९ जुलाई, २०१७ ५:२३ अपराह्न

    दुनिया में पहली बार किसी बच्चे के दोनों हाथों का प्रतिरोपण सफल रहा है और अमेरिका का 10 साल का यह बच्चा अब लिख सकता है, कपड़े पहन सकता है और यहां तक कि बेसबॉल भी खेल सकता है. जियोन हार्वे उस वक्त दो साल का था जब उसे जानलेवा संक्रमण हो गया था. चिकित्सकों को उस वक्त उसके दोनों हाथ और दोनों पैर काटने पड़े थे. उसके गुर्दों ने भी काम करना बंद कर दिया था. करीब दो साल की डायलिसिस

  • मानसून के दौरान बीमारियों से बचने के लिए रखें इन बातों का ध्यान

    १९ जुलाई, २०१७ ९:१० पूर्वाह्न

    नई दिल्ली: मानसून के दौरान कई तरह के त्वचा संबंधी और सर्दी-जुकाम जैसी बीमारियों का अंदेशा बना रहता है. मानसून के दौरान बेहतर स्वास्थ के लिए कुछ खास बातों का ध्यान रखना जरूरी है. विशेषज्ञों ने मानसून को देखते हुए स्वास्थ संबंधी कुछ उपाय बताए हैं. * अगर आप बारिश में भीग गई हैं तो नहाना न भूलें, इससे आप संक्रमण से सुरक्षित रहेंगी. * बारिश के पानी में मौजूद

  • पुरुषों के मुकाबले ऑटिज्म पीड़ित महिलाओं को होती है ज्यादा दिक्कत!

    १९ जुलाई, २०१७ ३:३५ पूर्वाह्न

    न्यूयार्कः ऑटिज्म से पीड़ित महिलाओं और लड़कियों को अपने दैनिक दिनचर्या करने में बहुत अधिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है. ऑटिज्म एक मानसिक बीमारी है, जिसके लक्षण बचपन से ही नजर आने लगते हैं. इस रोग से पीड़ित बच्चों का विकास धीमे होता है. इस रोग से पीड़ित लोग समाज में घुलने-मिलने में हिचकते हैं. वह किसी सवाल या कार्य पर प्रतिक्रिया देने में भी काफी समय लेते हैं. एक शोध के निष्कर्ष से पता चला कि इस रोग से पीड़ित महिलाएं

  • ज़्यादा तनाव बढ़ा सकता है पागलपन का ख़तरा!

    १९ जुलाई, २०१७ १:५६ पूर्वाह्न

    ज़िंदगी में तनावपूर्ण घटनाओं जैसे बच्चे की मौत, तलाक़ या नौकरी से निकाले जाने का बुरा असर दिमाग पर पड़ता है जो इसे बूढ़ा बना सकता है. अमरीका की एक रिसर्च टीम ने यह दावा किया है. 50 साल की उम्र के 1300 लोगों पर उन्होंने याददाश्त और सोचने की क्षमता जांचने के लिए टेस्ट किया. हालांकि स्टडी में पागलपन के ख़तरे को लेकर ज़्यादा जोर नहीं दिया गया. विशेषज

  • खतरनाक बुखार: अपने मां-बाप को भी नहीं पहचान पा रहे हैं बच्चे

    १८ जुलाई, २०१७ १:४७ पूर्वाह्न

    बुखार, कफ और गले में खराश. इस मौसम में वायरल फीवर में ऐसा ही होता है. लेकिन हर मामले में ऐसा नहीं होता. वायरल फीवर जैसा लगने वाला एक खतरनाक इन्फेक्शन अब बच्चों के दिमाग को बीमार बनाने लगा है. उन्हें दौरे पड़ने लगे हैं, वो कोमा में चले जाते हैं. हाल ये है कि वो अपने माता पिता को भी नहीं पहचान पा रहे हैं. मुंबई में एक महीने में ऐसे 6 मामले सामने आ चुके हैं यानी खतरनाक