अगर धोनी की कप्तानी गई तो क्या कोहली संभाल पाएंगे?

२२ जून, २०१५ ४:२३ अपराह्न

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जब आत्मविश्वास डगमगाने लगे तो सामने घुप्प अंधेरा छा जाता है. जब पिच पर क्रोध में खिलाडी को धक्का देने लगे तो संयम की परीक्षा शुरू हो जाती है. जब लगातार हार मिल रही है तो कप्तान के काबलियत पर सवाल शुरू हो जाते हैं. जब मैच के बीच में कप्तानी छोड़ने की बात होती है तो ये सवाल शुरू हो जाते है कि वो कैप्टन कूल नहीं रहे. जब क्रिक्रेट में राजनीति शुरू हो जाए तो जीत पर असर पड़ता है. जब कप्तान को नीचा दिखाने की कोशिश होता है तो जाहिर है कि कप्तान का आत्मविश्वास हिलने लगता है. इन्हीं सारे सवाले के बीच कैप्टन महेन्द्र सिंह धोनी मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं. चाहे क्रिक्रेट में जीत का मामला है या असल जिंदगी में सफलता का मामला है आत्मविश्वास सातवें आसमान पर चढ़ जाता है लेकिन हार से आत्मविश्वास गर्त में पहुंचने लगता है. जिंदगी की हकीकत है कि ऐसे निराशा का माहौल हर शख्स की जिंदगी में आता है जो इसमें फंस जाता है वो टूट जाता है और उबर जाता है फिर वो जीत जाता है. जी हां महेन्द्र सिंह धोनी आजकल क्रिक्रेट के मझधार में हिचकोले खा रहें हैं और चारों तरफ से ये आवाज आ रही है कि क्रिक्रेट में धोनी का समय अस्त होने वाला है.

बांग्लादेश के खिलाफ एकदिवसीय श्रृंखला में मिली लगातार दो हार से लगता है कि धोनी साफ टूट गये हैं. हार के बाद धोनी ने यह कहते हुए कप्तानी छोड़ने की पेशकश की थी कि अगर उनके कप्तानी छोड़ने से भारतीय क्रिकेट को मदद मिलती है तो वह ऐसा करने के लिए तैयार हैं. टीम हारती है तो कप्तान को बलि का बकरा बनाया जाता है और टीम जीतती है तो ये कहा जाता है कि पूरी टीम की जीत हुई है. ऐसा प्रतीत होता है कि महेन्द्र सिंह खुद टूट नहीं रहें हैं उन्हें तोड़ने की कोशिश हो रही है. अभी इसी साल धोनी के नेतृत्व में टीम इंडिया वर्ल्ड कप में सेमीफाइनल में पहुंची थी . धोनी के नेतृत्व सुपरकिंग्स चेन्नई की टीम आईपीएल 2015 फाइनल में पहुंची थी . ये दो बड़े मैच के नतीजे से ये साबित हो रहा है कि धोनी के नेतृत्व में प्रदर्शन की क्षमता है वरना कहां से धोनी की टीम सेमीफाइनल और फाइनल में पहुंचती. बांग्लादेश में विराट कोहली के नेतृत्व में टीम इंडिया टेस्ट मैच नहीं जीत पाई बल्कि मैच ड्रॉ हो गया था . टेस्ट मैच का ड्रॉ होना और वन डे मैच में हार जाना ये भी संकेत देता है कि बांग्लादेश की टीम फुल फॉर्म में है. यही वजह है कि सिर्फ 200 रन पर ही पूरी टीम पस्त हो गई है वहीं गेंदबाज पूरी तरह विफल हो गये . जो जुबान पहले धोनी की जीत पर वाहवाही करती थी वही जुबान धोनी के खिलाफ कसीदे पढ़ रहें हैं. ये कहा जा रहा है कि पहले बेहतर प्रदर्शन किया लेकिन अब उनकी कप्तानी का सूर्यास्त हो रहा है यानि धोनी के दुश्मन कोहली की कप्तानी में चार चांद लगाने का सपना देख रहें हैं.

ये पहली बार हो रहा है कि वह बहकी-बहकी बातें कर रहें हैं और साफ दिख रहा है वो अब कैप्टन कूल नहीं रहे . इसकी दो वजहों हो सकती है कि उनके खुद पर आत्मविश्वास नहीं रहा है और दूसरी बात ये हो सकती है कि अंदर- अंदर उनके आत्मविश्वास को तोड़ने की कोशिश हो रही है. उन्होंने हार के बाद ये कहा कि अगर कुछ समय के लिए कोच की जगह खाली भी रहे तो ज्यादा फर्क नहीं पड़ता है क्योंकि इसके लिए सही व्यक्ति को लाना जरूरी है,कोच नहीं है तो किसी को डाल दो वहां पर, अगर आप ऐसे फैसले लेंगे तो भविष्य में इसका बुरा असर पड़ेगा. वो कोच के बहाने निशाना साध रहें हैं और ये देश को बताने की कोशिश कर रहें हैं कि उनके खिलाफ साजिश हो रही है और उन्हें घेरने और नीचा दिखाने की कोशिश हो रही है. धोनी ने कप्तानी करते हुए पिछले आठ सालों में विदेशों में कुल 62 जीत दर्ज की हैं लेकिन दो साल से उनके प्रदर्शन पर असर पड़ा रहा है और ये भी साफ है कि इन दो साल में अंदरुनी उठापटक जारी है. धोनी की कप्तानी में टीम इंडिया पहला टी 20 और विश्वकप जीती. टीम नंबर वन हुई .

धोनी के खिलाफ एक लॉबी काम कर रही है तो वही लॉबी विराट कोहली को बढ़ाने में लगी हुई है. विराट कोहली अच्छे क्रिकेटर हैं लेकिन कैप्टन कूल जैसी कला नहीं है. टेस्ट मैच में विराट कोहली अच्छा प्रदर्शन कर रहें हैं लेकिन कप्तानी के मामले में उनकी परीक्षा अभी ठीक ढंग से नहीं हुई है. वहीं अब वनडे में भी उन्हें कप्तान बनाने की कवायद शुरू हो गई है. बेशक विराट कोहली बेहतरीन खिलाड़ी है लेकिन वो दबाव को झेलने में सक्षम नहीं हैं. उनपर गंभीर आरोप लगता रहा है कि वो पंगे भी लेते हैं. हाल में ऑस्ट्रेलिया में शिखर धवन और विराट कोहली के बीच तू-तू-मैं-मैं की खबर आई थी धोनी ऐसे कप्तान थे जो इस बात पर पर्दा डालने की कोशिश की. यही नहीं विराट कोहली ने आस्ट्रेलिया के खिलाड़ी मिचल जॉनसन से भी पंगा लिया था लेकिन धोनी के बारे में ऐसी खबर नहीं आई है हालांकि उन्होंने हाल में ही वो बांग्लादेशी खिलाड़ी को धक्का देने का काम किया . कोहली पर इसी साल एक पत्रकार को गाली देने का आरोप लगा था यही नहीं वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में टीम इंडिया हारी तो गर्लफ्रेंड अनुष्का शर्मा की वजह से विराट कोहली पर खेल के दौरान विचलित होने का आरोप लगा था. सेमीफाइनल मुकाबले में 13 गेंदों में सिर्फ एक रन बनाकर पवेलियन लौटने वाले विराट कोहली की जमकर आलोचना हुई थी. कोहली की आलोचना की वजह उनकी प्रेमिका अनुष्का शर्मा भी थीं, जो सेमीफाइनल मैच का मुकाबला देखने सिडनी गई थीं . सेमीफाइनल मैच के बाद हुए बर्ताव पर विराट कोहली ने बाद में अपना दर्द बयान करते हुए कहा था वे उस घटना से काफी निराश और दुखी हैं. ऐसे में महेन्द्र सिंह के द्वारा कप्तानी छोड़ना टीम इंडिया के लिए महंगा साबित हो सकता है.

स्रोत: abpnews.abplive.in

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