उप्र में लोकसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस खास रणनीति के तहत मैदान में उतरेगी:चिदंबरम

१३ जनवरी, २०१९ ६:५९ पूर्वाह्न

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उप्र में लोकसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस खास रणनीति के तहत मैदान में उतरेगी:चिदंबरम

नई दिल्ली. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस खास रणनीति के तहत मैदान में उतरेगी. महमूरगंज स्थित मोतीझील में जन आवाज कार्यक्रम में मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि कांग्रेस को कम न आंका जाये. सपा-बसपा के गठबंधन पर कहा कि इस गठबंधन पर कांग्रेस नजर बनाये है. उन्होंने गठबंधन में कांग्रेस के शामिल होने को लेकर सीधा जवाब नहीं दिया लेकिन इससे इनकार भी नहीं किया. उन्होंने कहा कि चुनाव नजदीक आने पर इस गठबंधन में शामिल होने को लेकर फैसला किया जा सकता है. उत्तर प्रदेश बड़ा राज्य है और 80 लोकसभा सीटों के लिहाज से पार्टी यहां विशेष रणनीति बना रही है.

बनारस पहुंचे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केंद्रीय वित्तमंत्री पी. चिदंबरम ने शनिवार को कहा कि जनता की मांगों के अनुरूप कांग्रेस का घोषणापत्र बनाया जायेगा. घोषणापत्र तैयार करते समय सभी वर्गों की समस्याओं व उनके सुझावों को ध्यान में रखा जायेगा. 2019 का कांग्रेस का घोषणापत्र जनता की आवाज होगा. महमूरगंज स्थित मोतीझील में शनिवार को कांग्रेस की ओर से आयोजित जन आवाज कार्यक्रम में कांग्रेस की घोषणापत्र कमेटी के चेयरमैन पी. चिदंबरम ने कहा कि किसान, मजदूर, युवाओं, महिलाओं के मुद्दे प्रमुखता से उठाये जाएंगे. उन्होंने पूर्वांचल के किसानों, व्यापारियों, उद्यमियों, बुनकरों, शिल्पियों को संबोधित करते हुए कहा कि पार्टी की तरफ से अब तक 100 बैठकें हो चुकी हैं, जिनमें 70 जन आवाज कार्यक्रम शामिल हैं. 30 बैठकें विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों के साथ हुई हैं.

जन आवाज कार्यक्रम में बनारस समेत पूर्वांचल के अन्य जिलों से पहुंचे विभिन्न वर्ग के लोगों में किसानों ने कर्जमाफी की बजाये न्यूनतम समर्थन मूल्य दोगुना करने, व्यापारियों ने जीएसटी के सरलीकरण, कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू करने, युवाओं ने रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिये नीति तैयार करने के सुझाव दिये. संकट मोचन मंदिर के महंत प्रो. विश्वंभरनाथ मिश्र ने गंगा की निर्मलता-अविरलता के साथ ही धार्मिक स्थलों के संरक्षण के लिए ठोस पहल करने की जरुरत बतायी. काशी विद्यापीठ के प्रो. अनिल कुमार उपाध्याय ने कहा कि देश में सभी विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों के शिक्षकों के वेतन-भत्ते, सेवानिवृत्ति के प्रावधान एक समान होने चाहिये.

उद्यमी अशोक गुप्ता आयात-निर्यात की प्रक्रिया को सरल बनाने पर जोर दिया. साथ ही बैंकों के साहूकारों जैसे बर्ताव पर भी नाराजगी जताई. वाराणसी बिल्डर्स डेवलपमेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष अनुज डिडवानिया ने कहा कि रीयल इस्टेट क्षेत्र मंदी के दौर से गुजर रहा है. मंदी से बचाव के लिये घोषणापत्र में प्रावधान शामिल किया जाना चाहिये. आईएमए बनारस शाखा के अध्यक्ष डॉ. भानुशंकर पांडेय ने कहा कि उपभोक्ता संरक्षण कानून को साल 1994 के स्वरूप में लाया जाये और डॉक्टरों के हितों की भी रक्षा की जाये. महानगर उद्योग व्यापार समिति के अध्यक्ष प्रेम मिश्रा ने कहा कि देश में व्यापारी आयोग की सख्त जरूरत है. कांग्रेस को अपने घोषणापत्र में इसे शामिल करना चाहिये.

इस मौके पर वरिष्ठ नेता पं. राजेशपति त्रिपाठी, पूर्व सांसद राजेश मिश्रा, पूर्व विधायक अजय राय, विधायक ललितेश त्रिपाठी, जिलाध्यक्ष प्रजानाथ शर्मा, महानगर अध्यक्ष सीताराम केसरी, शालिनी यादव, मणीन्द्र मिश्र, अनिल श्रीवास्तव अनु, शैलेन्द्र सिंह, राघवेन्द्र चौबे, देवेन्द्र सिंह, विजय शंकर पांडेय, सीए जीडी दुबे, अशोक कपूर, गौरव कपूर, ओंकार मिश्रा, डॉ. अरुण श्रीवास्तव, पंकज कुमार पाण्डेय आदि मौजूद थे.

स्रोत: palpalindia.com

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