एलजी हाउस में सहयोगियों के साथ ‘धरने’ पर बैठे Kejariwal

११ जून, २०१८ २:३६ अपराह्न

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नई दिल्‍ली। उपराज्‍यपाल द्वारा कार्रवाई करने से इनकार करने के बाद अपनी मांगों को लेकर दिल्‍ली के मुख्यमंत्री अरविंद Kejariwal, उपमुख्‍यमंत्री मनीष सिसोदिया, सत्‍येंद्र जैन और गोपाल राय के साथ एलजी हाउस के वेटिंग रूम में एक तरह से धरने पर बैठ गए. ‘आप’ ने ट्वीट कर बताया कि एलजी जब तक कार्रवाई नहीं करते तब तक वो वहीं बैठे रहेंगे.

दिल्ली सरकार की दो मुख्य मांगे हैं. पहला, चार महीने से आईएएस ऑफिसरों ने दिल्ली सरकार के काम काज का बायकॉट कर रखा है, उन्हें काम पर बुलाएं, जो लोग नहीं आना चाहते हैं उनके खिलाफ़ कड़ी कार्रवाई की जाए. और दूसरी मांग है कि डोर टू डोर राशन पहुंचाने के दिल्ली सरकार के फैसले को लागू किया जाए. एलजी ने इसे ख़ारिज कर दिया था.

‘आप’ के वार्ड स्तरीय पदाधिकारियों एवं विधायकों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने की लड़ाई स्वतंत्रता संघर्ष की तरह है. केजरीवाल ने कहा कि महात्मा गांधी ने ब्रिटिश शासन के दौरान भारत छोड़ो आंदोलन शुरू किया था और अब आम आदमी पार्टी ‘एलजी दिल्ली छोड़ो’ अभियान शुरू करेगी. उन्होंने कहा कि 1947 में भारत को आजादी मिली और सभी ब्रिटिश वायसराय हटा दिए गए, लेकिन दिल्ली में एलजी (उप – राज्यपाल) को वायसराय की जगह नियुक्त कर दिया गया.

Kejariwal ने कहा कि कई लोग कह रहे हैं कि पिछले 1 साल में मैंने कुछ नहीं बोला, इसका नाजायज़ फ़ायदा उठाया गया, लेकिन अब बोलना होगा. आए दिन हम पर नए-नए केस दर्ज होते हैं. प्रधानमंत्री और अमित शाह ये तो बताएं कि पहले के केसों का क्या हुआ. एलजी को हमारे ख़िलाफ़ हथियार बनाया गया.

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स्रोत: legendnews.in

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