कपिल सिब्बल का मोदी पर हमला, कहा नहीं चाहिए बर्बादी लाने वाला बदलाव

८ दिसंबर, २०१८ १:२४ अपराह्न

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कपिल सिब्बल का मोदी पर हमला, कहा नहीं चाहिए बर्बादी लाने वाला बदलाव

नई दिल्ली. राजनीति और शासन में ऐसा बदलाव नहीं होना चाहिए जो अपने पीछे बर्बादी का मंजर छोड़ जाए. मोदी सरकार के शासन की रीति-नीति और भाजपा की राजनीति की शैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए वरिष्ठ कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने कहा कि आज जिस तरह के बदलाव को अंजाम दिया जा रहा है उससे देश के सामने बर्बादी का खतरा ज्यादा है.

कांग्रेस देश में उन्नति और विकास के लिए हर सकारात्मक बदलाव की मुखर पक्षधर है मगर ऐसा बदलाव मंजूर नहीं जो देश के संविधान और स्वायत्त संस्थाओं की स्वतंत्रता की धज्जियां उड़ा दे.

पीएम मोदी के बदलाव लाने के वादों और इरादों पर बेहद तीखा प्रहार करते हुए सिब्बल ने कहा कि 2014 में उन्होंने न्यूनतम सरकार, अधिकतम प्रशासन, विदेशों से कालाधन 100 दिनों में लाकर 15 लाख सबको देने से लेकर नौकरियों और विकास की झड़ी लगाने के बेहद सुहाने सपने दिखाए. मगर आज मोदी के दिखाए सपने और देश की हकीकत में कोई मेल नहीं है.

नोटबंदी से बदलाव लाने के सरकार के दावे पर चोट करते हुए कपिल सिब्बल ने सवाल उठाया कि एक क्षण में गरीबों की मेहनत की कमाई खाक में मिला देने और विकास दर डेढ़ फीसद गिराने वाला यह कदम कैसा बदलाव है. उन्होंने कहा कि देश को सवा दो लाख करोड़ रुपये की चपत लगाने वाला नोटबंदी का कदम ऐसा ही बदलाव है जो अपने पीछे बर्बादी छोड़ गया.

सर्जिकल स्ट्राइक का राजनीतिक लाभ लेने के प्रयास पर सिब्बल ने मोदी सरकार पर हमला करते हुए कहा कि खुद आज इस ऑपरेशन को अंजाम देने वाले सबसे वरिष्ठ सैन्य अफसर ने इसे राजानीति रंग देने को खेदजनक करार दिया है. सिब्बल ने स्वतंत्र संस्थाओं खासकर मीडिया की स्वतंत्र और मुखर आवाज में कमी आने की बात उठाते हुए कहा कि अच्छे दिन की बात तो दूर सरकार के शीर्ष से प्रचारित गलत और झूठ पर न सवाल पूछे जा रहे, न ही उन्हें चुनौती दी जा रही.

राजनीति के स्तर में आ रही गिरावट को चिंताजनक मानते हुए सिब्बल ने कहा कि बेशक हम सबको इस रोकने के लिए बदलना होगा.इसके लिए जरूरी है कि राजनीतिक पार्टी और सरकार के बीच का अंतर कायम रहे मगर यह दुखद है कि आज आरएसएस-भाजपा और सरकार में कोई अंतर नहीं रहा. सब एक हो गए हैं.शैक्षणिक संस्थाओं, राज्यपाल से लेकर स्वायत्त संस्थाओं में आरएसएस के पृष्ठभूमि के अलावा किसी को नियुक्त नहीं किया जाना इसका उदाहरण है.

सिब्बल ने कहा कि कांग्रेस की सरकारों ने कभी किसी से राजनीतिक आधार पर भेदभाव नहीं किया. सुप्रीम कोर्ट के हाल में रिटायर जज द्वारा पूर्व चीफ जस्टिस को रिमोट कंट्रोल से निर्देशित करने के बयान का उल्लेख करते हुए उन्होंने सवाल उठाया कि क्या पीएम इसकी जांच कराएंगे? उन्होंने कहा कि गलत नीतियों पर विपक्ष जब सवाल उठाते हुए सच्चाई बताए तो उसे देशद्रोही बता दिया जाता है. यह भला कौन सा राजनीतिक बदलाव है.

पांच राज्यों के चुनाव से देश में बदलाव की नई बयार बहने की उम्मीद जताते हुए सिब्बल ने कहा कि कांग्रेस भारतीय क्रिकेट टीम की तरह है जो अपने ग्राउंड पर विरोधी टीम को 5-0 से हराएगी. हालांकि उन्होंने साफ कहा कि राजनीति में चुनाव जीतना ही सब कुछ नहीं है बल्कि जनता के दिलों को जीतना असली बात है. खासकर किसानों, मजदूरों और उन नौजवानों का जो रोजगार-नौकरी के लिए संघर्ष कर रहे हैं.

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स्रोत: palpalindia.com

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