कर्नाटक हाईकोर्ट ने जयललिता को आय से अधिक संपत्ति मामले में बरी

२२ मई, २०१५ ८:४५ पूर्वाह्न

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कर्नाटक हाईकोर्ट ने जयललिता को आय से अधिक संपत्ति मामले में बरी

बेंगलुरु.सोमवार को आय से अधिक संपत्ति के मामले में जयललिता को बड़ी राहत मिल गई है. कर्नाटक हाईकोर्ट ने उनकी सजा को रद्द कर दिया है. कर्नाटक हाईकोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया है. विशेष अदालत की दी गई सजा को कोर्ट ने खारिज कर दिया है. जयललिता समेत सभी चार आरोपियों को कोर्ट ने बरी कर दिया गया है.

जयललिता के लिए हाईकोर्ट का फैसला काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे ही उनका राजनीतिक भविष्य तय होगा. पिछले साल बेंगलूरू की विशेष अदालत द्वारा दोषी करार दिए जाने के कारण चुनाव लड़ने के अयोग्य हो गई थी और उन्हें मुख्यमंत्री का पद छोड़ना पड़ा था. करीब 19 साल पुराने मामले में पिछले साल 27 सितम्बर को निचली अदालत ने जया सहित सभी आरोपियों को चार-चार साल की सजा सुनाई थी. जया एक अरब का जुर्माना लगाया गया था जबकि बाकी आरोपियों पर 10-10 करोड़ रूपए का जुर्माना लगाया गया था.

जया व अन्य आरोपियों को जमानत देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सजा और अभियोजन को चुनौती देने वाली याचिका पर तीन महीने में सुनवाई पूरी करने के लिए हाईकोर्ट को विशेष पीठ गठित करने और दैनिक आधार पर सुनवाई करने का निर्देश दिया था. इसके बाद ही जस्टिस सी.आर.कुमारस्वामी की अध्यक्षता में विशेष पीठ का गठन किया गया था. हाईकोर्ट में ग्रीष्मावकाश होने के बावजूद सोमवार को विशेष पीठ सुबह 11 बजे फैसला सुनाने के लिए बैठी. हालांकि, इस दौरान जयललिता व अन्य आरोपियों की व्यक्तिगत तौर पर मौजूदगी जरूरी नहीं थी .

जयललिता के 1995 में पहली बार तमिलनाडु की मुख्य्मंत्री रहने के दौरान उनके खिलाफ 66 करोड़ की आय से अधिक संपतियां जुटाने का आरोप लगा था और यह केस पिछले 19 सालों से राज्य की अदालत में चल रहा था. 2001 में जयललिता जब दुबारा सत्ता में आई तब इस केस को कर्नाटक के विशेष न्यायालय में स्थानांतरित कर दिया गया था.

इस बीच, सोमवार को इस केस का फैसला आने के मद्देनजर पुलिस ने उच्च न्यायालय के आसपास के एक किलोमीटर के दायरे में धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी थी. किसी भी गड़बड़ी से निपटने के लिए शहर भर के प्रमुख स्थानों पर पुलिस का पहरा बढ़ा दिया गया है. जिला सशस्त्र पुलिस बल पुलिस की कई कंपनियों को मिलाकर करीब 2 हजार पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है.

दायर अर्जी में आय से अधिक संपत्ति के मामले में विशेष अदालत के सजा के फैसले को चुनौती दी गई है. पिछले साल 27 सितंबर को विशेष अदालत ने जयललिता को चार साल की सजा सुनाने के साथ 100 करोड़ का भारी जुर्माना भी लगाया था. अगर विशेष अदालत का फैसला रद्द हो जाता है तो जयललिता के पास एक बार फिर तमिलनाडु का मुख्यमंत्री बनने का मौका होगा और अगर हाइकोर्ट ने विशेष अदालत का फैसला जस-का-तस बनाए रखा तो जयलिलता को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने तक जेल जाना होगा.

पिछले साल 27 सितंबर को विशेष अदालत के न्यायाधीश माइकल डी कुन्हा द्वारा सुनाए गए फैसले के खिलाफ जयललिता और तीन अन्य की अपीलों पर उच्च न्यायालय फैसला सुनाएगा. फैसले में उन्हें चार साल की सजा और 100 करोड़ रूपए का भारी जुर्माना लगाया गया था. तीन अन्य पर 10-10 करोड़ रूपए का जुर्माना लगाया गया था.

स्रोत: palpalindia.com

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