'कश्मीर मुद्दे पर केंद्र सरकार को करने होंगे और सार्थक उपाय'

१५ नवंबर, २०१७ ८:०५ पूर्वाह्न

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'कश्मीर मुद्दे पर केंद्र सरकार को करने होंगे और सार्थक उपाय'

भारत सरकार ने कश्मीर समस्या का राजनैतिक हल निकालने के लिए इंटेलीजेंस ब्यूरो के पूर्व प्रमुख दिनेश्वर शर्मा को वार्ताकार नियुक्त किया है। अभी दिनेश्वर कश्मीर में ही हैं और विभिन्न पक्षों से संपर्क साधने की कोशिश कर रहे हैं। कुछ लोगों से वे मिले भी हैं, लेकिन 1979 बैच के आइपीएस ऑफिसर दिनेश्वर शर्मा के जिम्मे सिर्फ यही काम नहीं है। पहले उन्हें असम में उल्फा के अरबिंद राजखोवा गुट से और नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ बोडोलैंड से बातचीत करने के लिए नियुक्त किया गया था। बाद में उन्हें मणिपुर के यूनाइटेड पीपुल्स फ्रंट और कुकी नेशनलिस्ट ऑर्गनाइजेशन से वार्ताकार की भूमिका निभाने के लिए नियुक्त किया गया। दिनेश्वर शर्मा कितने भी योग्य अधिकारी हों, उनके कंधों पर इतनी ज्यादा जिम्मेदारी सौंपना उनके साथ न्याय नहीं है। वे उत्तर-पूर्व को कितना समय देंगे और कश्मीर को कितना समय दे सकेंगे?

मेरे खयाल से, कश्मीर समस्या का एक बड़ा कारण है उसका विशेष दर्जा। कश्मीर का अपना संविधान है, उसका अपना झंडा है। वहां अन्य भारतीयों को जमीन खरीदने की इजाजत नहीं है। स्थायी समाधान तो यही है कि कश्मीर को वही दर्जा दिया जाए जो भारत के अन्य राज्यों को मिला हुआ है, लेकिन सभी राज्यों की स्वतंत्रताओं को बढ़ाते हुए। सरकारिया आयोग की सिफारिशों पर विचार किया जा सकता है और नए रास्ते भी खोजे जा सकते हैं। सवाल है इतना बड़ा फैसला लेने के लिए राजनेताओं के लघु दिमाग क्या सक्षम हैं?

स्रोत: jagran.com

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