केदारनाथ पैदल यात्रा सुचारु, बदरीनाथ हाईवे बाधित

२४ जुलाई, २०१५ ३:३१ अपराह्न

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केदारनाथ पैदल यात्रा सुचारु, बदरीनाथ हाईवे बाधित

देहरादून. मौसम साफ होने के बाद चारधाम यात्रा सुचारु हो गई. बाबा केदार के दर्शन को सुबह करीब सौ से अधिक तीर्थयात्री पैदल ही सोनप्रयाग से केदारनाथ के लिए रवाना हो गए. बदरीनाथ हाईवे लामबगड़ के पास बाधित है, लेकिन यात्री पैदल ही बदरीनाथ जा रहे हैं. वहीं, गंगोत्री, यमुनोत्री व हेमकुंड यात्रा सुचारु रूप से चल रही है.

बारिश थमने के बाद चारधाम जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि हो गई. रविवार को सुबह मौसम ठीक होने पर सोनप्रयाग से कुल 320 यात्रियों को पैदल केदारनाथ जाने की अनुमति दी गई. करीब 114 यात्रियों ने हवाई सेवा के जरिये बाबा केदार के दर्शन किए.

आज करीब सौ तीर्थयात्री सोनप्रयाग से केदारनाथ के लिए रवाना हुए हैं. कपाट खुलने से अब तक 113516 यात्री बाबा केदारनाथ के दर्शन कर चुके हैं. उधर, आज सुबह मलबा आने से बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग लामबगड़ के पास बाधित हो गया. जिसे बीआरओ के जवान खोलने में जुट गए हैं.

उधर गढ़वाल मंडल में लगातार बारिश से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है. रुद्रप्रयाग जिले में जहां डेढ़ दर्जन मोटर मार्ग बंद पड़े हैं वहीं लगभग 32 गांवों का सड़क मार्ग से संपर्क कट गया है. चमोली जिले में 28 संपर्क मार्ग अभी भी बंद पड़े हुए हैं. लोक निर्माण विभाग व अन्य निर्माण एजेंसियां बारिश बंद होने का इंतजार कर रही हैं. उत्तरकाशी में शहर में जहां बारिश के कारण पेड़ गिर गया वहीं पुरोला में एक मकान और कोठार दब गया. नई टिहरी जिले में बारिश के चलते 40 संपर्क मार्ग बंद पड़े हैं जबकि तीन मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं. घनसाली के छैली गांव में गौशाला के ऊपर पेड़ गिरने से भैंस की दबकर मौत हो गई है. वहीं चाका क्षेत्र में दिनभर बिजली गुल रही. रविवार को टिहरी बांध की झील का जलस्तर 764.10 मीटर तक पहुंच गया. उधर, नौगांव में शनिवार शाम तेज बारिश के चलते दौलतराम रंवाल्टा विद्या मंदिर नौगांव की सुरक्षा दीवार ढह गई, जबकि नौगांव पुरोला मोटर मार्ग तीन घंटे तक बंद रहा.

रुद्रप्रयाग जिले में लगातार बारिश से ग्रामीणों की समस्याएं बढ़ गई हैं. एमजीएसवाई डिविजन रुद्रप्रयाग के सात मोटरमार्ग अभी तक बंद चल रहे हैं. जबकि लोनिवि रुद्रप्रयाग के पांच, लोनिवि ऊखीमठ के दो, लोनिवि गुप्तकाशी के तीन, पीएमजीएसवाई जखोली के चार मोटरमार्गो पर जगह-जगह मलबा आने से बाधित हो गए है. इसके अलावा भी चार मोटर मार्ग बंद पडे़ हैं. ऐसे में संबंधित विभागों के मजदूरों को मलबा हटाने में खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. लगभग सभी मोटरमार्गो पर मलबा हटाने का कार्य जारी है. मोटरमार्ग बाधित होने से 20 से अधिक गांवों का सम्पर्क पूरी तरह कट चुका है. यदि लंबे समय तक इसी तरह बारिश जारी रही तो ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की समस्याएं बढ़ जाएंगी. बारिश होने से अधिकतर लोग अपने घरों में ही कैद होकर रह गए हैं. बाजारों की रौनक भी फीकी पड़ गई है. लोनिवि अधिशासी अभियंता इंद्रजीत बोस के अनुसार मोटर मार्गो को शीघ्र खोलने के लिए कार्य किया जा रहा है. सूचना मिलते ही मौके पर मलबा हटाने के लिए जेसीबी मशीनें भेजी जा रही हैं.

उत्तरकाशी जिले में लगातार हो रही बारिश से भागीरथी सहित सहायक नदियां अपने उफान पर हैं. शहर की टीचर्स कालोनी में एक पेड़ गिर गया. उधर, पुरोला तहसील के छाड़ागांव में ग्रामीण रविंद्र चौहान के आवासीय भवन के पीछे की चट्टान में भूस्खलन होने से मकान व एक अन्न का कोठार दब गया. भूस्खलन होने से पहले ही रविंद्र चौहान व उनके परिवार के लोग घर छोड़कर सुरक्षित स्थान पर पहुंच गए थे. पर, घर में रखा सारा सामान और कोठार से अनाज नहीं निकाल पाए. घटना की सूचना पर पुरोला तहसील के एसडीएम केके सिंह ने राजस्व विभाग की टीम को घटनास्थल के लिए रवाना किया. बड़कोट के निकट नयारा नामे तोक में यमुना नदी के बीच बने टापू में तीन मवेशी फंसे हुए हैं. ग्रामीणों के अनुसार मवेशी पानी पीने के लिए यमुना नदी में गए थे. उफान की चपेट में आने से मवेशी बह कर पास के ही एक टापू में फंस गए. क्षेत्र पंचायत सदस्य प्रदीप जयाड़ ने बताया कि रविवार शाम तक आपदा राहत बचाव का कोई भी कर्मचारी मौके पर नहीं आया था.

नई टिहरी में पट्टी भिलंग की ग्राम पंचायत छैली में रविवार को सुबह 7.30 बजे बारिश के चलते ग्राम प्रधान रोशनी देवी के गौशाला के ऊपर भारी भरकम पेड़ गिरने से उसमें बंधी भैंस की दबकर मौत हो गई. वहीं तहसील गजा के अंतर्गत चाका में बीती रात्रि को गांव की सरोजनी देवी पत्नी स्व. रामलाल, पूर्णा देवी पत्नी स्व. चिरंजी लाल और राकेश प्रसाद का मकान क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे मलबे में रखा मकान दब गया. सूचना मिलने पर राजस्व उप निरीक्षण पीएस रावत ने क्षतिग्रस्त मकानों का मौका मुआयना किया. वहीं क्षेत्र में दिनभर बिजली भी गुल रही जिस कारण लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. नैनबाग की मंजगांव में कुंदन सिंह पुत्र खेम सिंह के आंगन का पुश्ता ध्वस्त हो गया और मकान में दरारें आ गई वहीं पुजार गांव में पुश्ता धंसने से भगवानदास पुत्र जगू दास के मकान को खतरा पैदा हो गया है.

स्रोत: palpalindia.com

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