किसानों के ऋण माफी घोषणा से कांग्रेस के पक्ष में गांवों में लहर

१० नवंबर, २०१८ १:२८ अपराह्न

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किसानों के ऋण माफी घोषणा से कांग्रेस के पक्ष में गांवों में लहर

पलपल संवाददाता, जबलपुर. तीन प्रमुख राज्यों मध्य प्रदेश, राजस्थान व छत्तीसगढ़ में इस बार कांग्रेस किसानों की ऋण माफी सहित उनके कल्याण की तमाम घोषणाएं अपने घोषणा पत्र (वचन पत्र) में करके चुनावी वैतरणी पार करने की जुगत में है. खास बात यह है कि कांग्रेस ने इन तीन राज्यों के कई करोड़ किसानों के घर तक इस घोषणा के माध्यम से अपने को चर्चा में ले आयी है और उसे उम्मीद है कि इस घोषणा का असर सिर्फ किसान ही नहीं बल्कि समूचे ग्रामीण क्षेत्रों में होगा, जिसका प्रत्यक्ष लाभ उसे मत के रूप में प्राप्त हो सकेगा. सिर्फ कांग्रेस ही नहीं, बल्कि चिर प्रतिद्ंद्वी भाजपा कार्यकर्ता भी मान रहे हैं कि इस चुनाव में किसानों का ऋण माफी की घोषणा काफी प्रभावी है, जिसका असर ग्रामीण क्षेत्रों में देखा जा रहा है.

बात सिर्फ मध्य प्रदेश की करें तो शनिवार 10 नवम्बर को कांग्रेस ने राजधानी भोपाल में अपना घोषणा पत्र जारी कर दिया. इस पत्र में वैसे तो हर वर्ग को अपने पक्ष में करने के लिए कई घोषणाएं की गई हैं, लेकिन यहां पर हम बात किसानों के संबंध में की गई घोषणा की ही करेंगे, जिसमें इतने लोक-लुभावन घोषणाएं या कहें वचन दिया है कि यदि किसान उस पर विश्वास करे तो वह कांग्रेस के पक्ष में वोट रूप में तब्दील हो सकेगा.

कांग्रेस ने जो वचन पत्र जारी किया है उसमें 81 लाख किसानों का 75 हजार 800 करोड़ ऋण माफ करने के वादे के साथ-साथ ही किसान आंदोलन के दौरान किसानों पर दर्ज आपराधिक प्रकरण भी वापस लिए जाएंगे. किसानों को डीजल-पेट्रोल खरीद में छूट मिलेगी. इसके अलावा कांग्रेस के इस वचन पत्र में यूपीए सरकार के समय में बनाए गए स्वामीनाथन आयोग की अनुशंसा लागू करने का वादा भी किया गया है. सिंचाई के लिए बिजली की दरों को आधा करने और नई फसल बीमा योजना लागू करने का वादा भी कांग्रेस पार्टी ने किया है. पार्टी ने अपने वचन पत्र में महिला सुरक्षा और महिलाओं की प्रगति पर विशेष ध्यान दिया है.

वचन पत्र में सभी किसानों का 2 लाख रुपए तक कर्ज माफ करने, जिसमें सहकारी बैंक एवं राष्ट्रीकृत बैंकों का चालू एवं कालातीत कर्ज शामिल रहेगा. किसानों को शून्य ब्याज योजना का वास्तविक लाभ देने के लिए भुगतान की नई तिथि रबी फसल हेतु 31 मई तक और खरीफ फसल हेतु 31 दिसम्बर रखेंगे. कांग्रेस सरकार बनने पर किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलायेंगे. मंडियों में समर्थन मूल्य से नीचे फसल नहीं बिकने देंगे. कांग्रेस सरकार किसानों को गेहूँ, धान, ज्वार, बाजरा, मक्का, सोयाबीन, सरसों, कपास, अरहर, मूंग, चना मसूर, उड़द, लहसुन, प्याज, टमाटर तथा गन्ने पर बोनस देगी.

इन्दिरा किसान ज्योति योजना- इस नई योजना के अंतर्गत 10 हॉर्सपावर तक के कृषि प्रयोजन के लिए आधी दर पर कांग्रेस की सरकार विद्युत प्रदाय करेगी. अंत्योदय परिवार को पूर्व की भांति पूरी छूट रहेगी. 10 हॉर्सपावर तक के अस्थायी विद्युत कनेक्शन में 50 प्रतिशत की छूट दी जायेगी तथा कृषक इसे फसल की थ्रेशिग हेतु इस्तेमाल कर सकेगा. किसानों को 3 फेस की बिजली प्रतिदिन 12 घंटे देना सुनिश्चित करेंगे, जिसमें कम से कम 8 घण्टे दिन का समय रहेगा.

कांग्रेस सरकार नवीन फसल बीमा योजना लायेगी, फसल बीमा की इकाई खेत रहेगा, जो किसान स्वेच्छा से इससे पृथक रहना चाहते हैं, उन्हें अनुमति रहेगी. बीमा कम्पनियों द्वारा किसानों को बीमा पॉलिसी एवं प्रीमियम राशि की रसीद देना सुनिश्चित किया जायेगा. नई फसल आने के पूर्व फसल क्लेम का वितरण करायेंगे. ग्रामसभा की अनुशंसा पर फसल बीमा का लाभ किसान को देंगे. फसल बीमा से वंचित किसानों की फसल नुकसानी पर मुआवजा हेतु भू-राजस्व परिपत्र 6.4 में संशोधन करेंगे. बिना कर्ज लिये खेती करने वाले कृषक को भी फसल बीमा से जोड़ेंगे. कृषकों का जीवन एवं स्वास्थ्य बीमा किया जायेगा. किसानों को क्रेडिट कार्ड देंगे एवं क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने के लिए केन्द्र को लिखेंगे.

आयकर विभाग द्वारा नगद भुगतान की निर्धारित सीमा को इस प्रयोजन हेतु बढ़ाने के लिए प्रयास करेंगे. मंडियों में इलेक्ट्रॉनिक धर्मकांटा लगवायेंगे. मंडी कमेटियों का पुनर्गठन करेंगे, मंडी अधिनियम में संशोधन करेंगे तथा प्रदेश एवं देश की अन्य मंडियों से जोड़ेंगे. मण्डी शुल्कों का युक्तियुक्तकरण करेंगे. मंडियों में ग्रेडिग प्लांट के लिए किसानों के स्वसहायता समूह् समितियों को रिक्त भूमि आवंटित की जायेगी. सूचना एवं परामर्श केन्द्र खोलेंगे तथा मंडियों में ठहरने एवं रियायती दर पर भोजन की व्यवस्था करेंगे.

कांग्रेस ने अपने वचन पत्र में कहा है कि वह गुणवत्तायुक्त और प्रमाणित बीज समय पर उपलब्ध करायेंगे, बीज उत्पादन सहकारी समिति और स्वसहायता समूह को जोड़ेंगे. सहायक कृषि आधारित उद्योग जैसे पशुपालन, डेयरी विकास, कुक्कुट पालनए मत्स्य पालन, उद्यानिकी के लाभ के लिए किसानों को प्रोत्साहन देंगे, रियायती ब्याज दर पर बैंक से 5 वर्ष का ऋण उपलब्ध कराएंगे. दूध उत्पादक कृषक को दुग्ध संघ के माध्यम से प्रति लीटर 5 रुपये बोनस देंगे. दुधारू पशुओं का बीमा, चिकित्सा सुविधा नि:शुल्क करेंगे. खाद, बीज, कीटनाशक, कृषि यंत्र, सिंचाई आदि में कर-शुल्क की दरों बढ़ोतरी नहीं करेंगे. इसके अलावा स्पेशल एग्रीकल्चर ज़ोन स्थापित होंगें, ग्राम पंचायत में गौशाला खोलेंगे और गौ अभ्यारण्य बनाएंगे, कृषक कन्या विवाह सहायता योजना व नई सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना किसानों के लिए प्रारंभ की जायेगी. इसके अंतर्गत 1000 रुपए मासिक पेंशन देंगे, जिसके अंतर्गत 60 वर्ष के एवं 2.5 एकड़ से कम भूमिधारक तथा अन्य किसी स्रोतों से आय न होने वाले किसान पात्र होंगे.

स्रोत: palpalindia.com

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