किसानों की बात करने वाले नीतीश ने 7 साल बाद भी नहीं दिया मुआवजा

२२ मई, २०१५ ८:४५ पूर्वाह्न

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किसानों की बात करने वाले नीतीश ने 7 साल बाद भी नहीं दिया मुआवजा

बिहटा . नए जमीन अधिग्रहण कानून को लेकर संसद से सड़क पर हंगामा मचा हुआ है. हंगामा इस बात को लेकर की आखिर किसान की जमीन कैसे ली जाए. दावा है कि जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया साफ-सुथरी होगी लेकिन किसान इन सरकारी वादों पर भरोसा नहीं कर पा रहे हैं. इसकी वजह भी है. बिहार में पटना से सटे बिहटा में किसान पिछले 7 साल से अपनी जमीन के मुआवजे की लड़ाई लड़ रह हैं. पिछले 8 दिनों से किसान धरने पर बैठे हैं.

पटना से महज 40 किलोमीटर दूर है बिहटा लेकिन इस इलाके के लोगों की आवाज आज तक नीतीश कुमार के कान तक नहीं पहुंची. पिछले 7 साल से बिहटा के लोग मुआवजे का इंतजार कर रहे हैं. नीतीश सरकार से अपना हक मांग रहे हैं लेकिन आज तक बिहार सरकार का कोई नुमाइंदा इनकी सुध लेने नहीं आया. विकास के सपने दिखाकर बिहटा के किसानों को बिहार सरकार ने ही लूटा है. औद्योगिक पार्क बनाने के लिए किसानों की करीब 2700 एकड़ जमीन का अधिग्रहण हुआ. इसके साथ ही किसानों को मुआवजा और नौकरी का वादा भी किया गया.

इन सरकारी वादों को गुजरे सात साल हो गए, जमीन पर सरकार का कब्जा हो गया लेकिन किसान आज भी मुआवजे के लिए दर-दर की ठोकर खा रहे हैं. मुआवजे के नाम पर किसानों को चेक नहीं तारीख दर तारीख मिली. नेताओं ने भी जब वोट का हक अदा नहीं किया तो आखिरकार किसानों ने खुद अपनी लड़ाई लड़ने की ठानी और पिछले आठ दिनों से बिहटा में सत्याग्रह चल रहा है. किसानों का आरोप है कि अधिग्रहण से लेकर मुआजवा बांटने और जमीन आवंटन तक बड़ा घोटाला हुआ है. औद्योगिक विकास के नाम पर ली गई जमीन नेताओं और अधिकारियों के रिश्तेदारों के नाम हो चुकी है लेकिन किसान अब भी अपनी जमीन के मुआवजे के लिए तरस रहे हैं.

पिछले आठ दिनों से धरने पर बैठे किसान आर-पार की लड़ाई के मूड़ में हैं. किसान अड़ गए हैं कि इस बार मुआवजा लेकर धरना खत्म करेंगे या धरने पर बैठे-बैठे खुद को खत्म कर लेंगे.

स्रोत: palpalindia.com

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