चुनावी चकल्लस.. एक को मनाओ, दस हो रहे खफा..!

९ नवंबर, २०१८ १:५४ अपराह्न

4 0

चुनावी चकल्लस.. एक को मनाओ, दस हो रहे खफा..!

पलपल संवाददाता, जबलपुर. कांग्रेस, भाजपा द्वारा अपने प्रत्याशियों की घोषणा करने के बाद एक अनार, सौ बीमार जैसी स्थिति बन गई है. जिसे टिकट मिली, वह तो खुश हुआ, जिसे नहीं मिली टिकट, वह खफा. अब खफा नेताओं को मनाने-फुसलाने का जिम्मा जिसे टिकट मिली है, उसके कांधों पर आन पड़ी है, वह परेशान है कि जितनी मशक्कत उसे टिकट पाने में नहीं करना पड़ी, उससे ज्यादा परेशानी रूठों को मनाने में करना पड़ी है, एक को मनाते हैं दो दस और रूठों की जानकारी लगती है, जिससे बड़ी समस्या है, क्योंकि प्रचार को मात्र 17 दिन शेष हैं, वह अपनी पूरी ऊर्जा जनता-जनार्दन के बीच पहुंचकर उनका आशीर्वाद लेने में लगाना चाहता है, लेकिन सारी मेहनत खफा को मनाने में लगानी पड़ रही है. शहर के सत्ता दल के एक मंत्री-प्रत्याशी ने तो तय कर लिया है कि वह किसी को नहीं मनाएंगे, जिसे पार्टी का काम करना है, करे, वह तो अब जनता के बीच ही जाकर अपना समय लगाएंगे.

- वैसे तो हर दीपावली की रात लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए सभी घरों में पूजन-पाठ का दौर चलता है, ताकि लक्ष्मी महारानी धन-धान्य से उनकी मनोकामनाएं पूर्ण करें, चूंकि इस समय जबलपुर सहित पूरे मध्य प्रदेश में मौसम चुनावी है, इसलिए दीपावली की रात अमावश्या पर तंत्र-मंत्र की विशेष साधना भी होती है. खबर है कि शहर के एक कांग्रेसी प्रत्याशी ने अपने घर की छत पर इस बार विशेष साधना करवाई, जिसकी चर्चा सामने वाले प्रत्याशियों तक भी पहुंच गई, स्पष्ट है कि वे चिंतित में हैं, क्योंकि साधना का कारण भी पता है कि शत्रु की पराजय हो, अर्थात चुनाव में उन्हें सफलता मिले और सामने वाले प्रतिद्वंद्वी को पराजय. अब यह बात अलग है कि वर्तमान समय में इस तरह की दकियानूसी बातें बताकर कुछ लोग इसे नकार रहे हैं, लेकिन अन्य प्रत्याशियों के मन में यह पूजन शंका तो उत्पन्न कर ही गई है.

- जबलपुर में नामांकन भरने के अंतिम दिन भाजपा ने जिलावासियों को अपनी एकता दिखाने का भरपूर प्रयास किया. सभी आठों भाजपा प्रत्याशियों ने एक मंच पर उपस्थित होकर शहर की सड़कों पर रैली निकाल कर कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपना-अपना नामांकन भरा. यहां तक तो ठीक है, इस भीड़ में भी कई भाजपा नेता अपनी राजनीतिक गोंटिया सेंकने में ज्यादा मशगूल नजर आए. दरअसल जिन्हें टिकट मिली वे तो ठीक, लेकिन जो टिकट पाने से बच गए, व आगामी किसी अन्य चुनावी मौके पर उनकी लॉटरी खुल जाये, इसके लिए वे ज्यादा मशक्कत करते दिखे और यह सभी दिखावा प्रदेश भाजपा को दिखाने के लिए ज्यादा किया जाता रहा. नारेबाजी भी वहीं पर कर रहे थे, जहां से भाई साहब की नजरें उन पर आसानी से पड़े.

यह भी पढ़ें: चुनावी चकल्लस..भाजपा प्रत्याशी बब्बू पर भड़के मतदाता, आप गाली बकते हो

स्रोत: palpalindia.com

श्रेणी पृष्ठ पर

Loading...