जानिए कितना सादा था पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का लाइफ स्टाइल

२८ जुलाई, २०१५ ५:४८ अपराह्न

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जानिए कितना सादा था पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का लाइफ स्टाइल

डॉ. कलाम ने एक बार कहा था कि उन्होंने अपना कार्यकाल राष्ट्रपति भवन से शुरू किया, तब वह अपने साथ दो सूटकेस लेकर आए थे और अपना कार्यकाल पूरा होने के बाद वह वापस भी उन्हीं दो सूटकेस के साथ गए। शेखर गुप्त ने उनसे एक बार इंटरव्यू में सवाल किया कि इन दो सूटकेस में क्या था। इस सवाल का जवाब देते हुए कलाम ने कहा कि, “अगर मैं कहीं एक-दो दिन के लिए जा रहा हूं, तो इससे मेरी दो दिन की जरूरतें पूरी हो जाएंगी। इसमें एक नई प्रकाशित बुक, कभी-कभी मेरा कंप्यूटर, मेरा टेप-रिकोर्डर और दो दिन के कपड़े हैं।”

डॉ. कलाम अपनी मां के बहुत करीब थे और उनके हाथ का बना खाना उनका पसंदीदा था। अपनी किताब, ‘प्राइड ऑफ नेशनः डॉ. अब्दुल कलाम’ में महेश शर्मा दत्ता ने लिखा है कि, “ डॉ. अब्दुल कलाम का अपनी मां आशियम्मा के साथ बहुत गहरा रिश्ता था।” उनका मां के हाथ का बनी नारियल की चटनी के साथ चावल और सांभर पसंदीदा खाना था। डॉ. कलाम से संबंधित किताब में लिखा है कि “मैं अक्सर मां के साथ किचन में खाना खाता था। वह मेरा पसंदीदा खाना केले के पत्तों पर परोसती थीं।”

एक प्रचलित दैनिक के अनुसार, डॉ. कलाम के कालेज फ्रेंड्स और सहकर्मी की उनके साथ कुछ ही अच्छी यादें है। बैंगलूर, इसरो सेटेलाइट सेंटर के पूर्व निदेशक, आर. अरवामुदान ने बताया कि, “हम इंदिरा भवन लॉज, तिरुवंथमपुरम में रहते थे। लोग उन्हें कलाम अय्यर बुलाते थे, क्योंकि वह ब्राहम्णों के चारों ओर ही घुमते दिखाई देते थे और उनकी खाने की आदतें भी उन्हीं के जैसे हो गईं थी। सिर्फ एक ही नॉन वेजीटेरियन खाना वह कभी-कभी खाते थे और वह था केरल आलू के साथ अंडा मसाला।”

आर. अरवामुदान 1963 में नेशनल एरोनोटिक्स स्पेस एजेंसी में पहली बार डॉ. अब्दुल कलाम से मिले थे। यहां स्टेशन से जुड़ा एक होस्टल भी था, जहां सेल्फ सर्विस काफीहाउस था। आर अरवामुदान ने अपने अकाउंट में आनलाइन प्रकाशित कर कहा, “हम अक्सर मैश आलू, उबली हुई बीन्स और मटर, ब्रेड और बहुत सारा दूध ही पीते थे और हफ्ते के आखिर दिन सुपर मार्किट शॉपिंग, सिनेमा देखने और भारतीय घरों में कभी-कभी डिनर करने के चक्कर में ही निकल जाता था।”

स्रोत: khabar.ndtv.com

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