ड्राइविंग लाईसेंस के लिए देना होगा ट्रेनिंग स्कूल का प्रमाणपत्र

८ अक्‍तूबर, २०१७ ७:४१ पूर्वाह्न

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New Delhi, 08 October : ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने में गड़बड़ी को रोकने के लिए सरकार ने मोटर वाहन नियमों को सख्त बनाने की पहल की है. सड़क परिवहन मंत्रालय द्वारा प्रस्तावित नए नियमों के मसौदे में डीएल बनवाने के लिए किसी मोटर वाहन प्रशिक्षण केंद्र से वाहन चलाने का प्रमाणपत्र हासिल करने की अनिवार्यता को शामिल किया गया है.

मंत्रालय ने हाल ही में केंद्रीय मोटर वाहन नियम 2017 के मसौदे पर सभी पक्षों से सुझाव मांगे हैं. प्रस्तावित नियमों में फर्जी तरीके से डीएल बनवाने की समस्या से निपटने के लिए दो मुख्य उपाय किये गए है. इनमें डीएल बनवाने के लिए किसी मान्यताप्राप्त मोटर ड्राइविंग स्कूल के प्रमाणपत्र को आवेदन फॉर्म के साथ जमा करने के अलावा नए और मौजूदा डीएल को आधार कार्ड से जोड़ने की अनिवार्यता को शामिल किया गया है.

प्रस्तावित नियमवाली का मसौदा बनाने वालों में शामिल परिवहन विशेषज्ञ अनिल चिकारा ने बताया कि डीएल को 12 अंक वाले आधार नंबर से जोड़ने से फर्जी लाइसेंस बनाने और एक ही व्यक्ति के विभिन्न राज्यों के परिवहन प्राधिकरणों से बनवाये गए एक से अधिक डीएल का पता लगाना आसान हो सकेगा. इसके अलावा नए नियम लागू होने पर डीएल बनवाने के इच्छुक व्यक्ति को मोटर ड्राइविंग स्कूल से वाहन चलाना सीखने का पूरा ब्योरा देना होगा.

भारत में सड़क हादसों से जुड़ी साल 2017 की रिपोर्ट के हवाले से उन्होंने बताया कि देश में सड़क हादसों की सबसे बड़ी वजह ड्राइवर की गलती का होना पाया गया है. इनमे से 84 फीसदी सड़क दुर्घटनाएं ड्राइवर की गलती से होती है, जबकि ड्राइवर की गलती से मौत का कारण बनने वाली दुर्घटनाओं का प्रतिशत 80.3 है .

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स्रोत: newswing.com

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