दुनिया के 6 देखने लायक ज्वालामुखी

१४ जून, २०१५ ११:०६ पूर्वाह्न

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दुनिया के 6 देखने लायक ज्वालामुखी

सक्रिय ज्वालामुखी के फटने से कई बार अपने आप ही ख़ूबसूरत लैंड स्केप बन जाता है. इसे देखने दुनिया भर से पर्यटक पहुंचने लगते हैं.

एक यूनानी टापू पर स्थित इस ज्वालामुखी के इर्द-गर्द अब सफेद इमारतों की कतार दिखाई पड़ती है. 1600 ईसा पूर्व के इस ज्वालामुखी का फ़टना इतना भयावह था कि इसने लगभग पूरे टापू को तबाह कर दिया.

आजकल सैंटोरिनी उन पर्यटकों को आकर्षित करता है जो इस ज्वालामुखी के इतिहास में दिलचस्पी रखते हैं. क्योरा के यूजर अकेलिएस वोर्टेसेल्स बताते हैं कि किसी भी बालकोनी से यहां की चट्टानों को देखने का अपना मज़ा है.

मनीला से 450 किलोमीटर दक्षिण पूर्व स्थित टापू है लुज़ोन. यहां का माउंट मेयन फ़िलिपींस का सबसे सक्रिय ज्वालामुखी है. सितंबर, 2014 में यहां हुए विस्फोट के कारण हज़ारों लोगों को द्वीप छोड़ना पड़ा था.

ये एक कोन के समान है जिसमें कई लेवल से लावा फूटता रहता है. यह एक अविश्वसनीय समरुपता वाला दृश्य दिखाता है.

वोर्टेसेल्स बताते हैं, "मेयन का आकार ऐसा है कि राख और लावा एकदम शीर्ष से निकलते दिखते हैं." यहां आने वाले पर्यटक ऐतिहासिक विरासत की चीजों को भी देखते हैं. 18वीं सदी में यहां सेंट फ्रांसिस का चर्च था, जो 1814 के विस्फोट में नष्ट हो गया. हालांकि इसका स्टोन टॉवर अभी भी बचा हुआ और ये हैरान करने वाला है.

इस ज्वालामुखी को देखने के लिए दुनिया भर के अलग अलग हिस्सों से लोग पहुंचते हैं. तंजानिया और कीनिया की सीमा पर किलिमानजारो अफ़्रीका का सबसे ऊंचा पर्वत है. यहीं महाद्वीप का सबसे ऊंचा ज्वालामुखी भी स्थित है. यहां पर तीन ज्वालामुखी एक ही साथ हैं, जिनमें मावेनज़ी और शीरा तो निष्क्रिय हो चुके हैं जबकि सबसे ऊंचा किबो अभी भी सक्रिय है.

5895 मीटर की ऊंचाई पर अचानक से तापमान में काफी बदलाव आ जाता है. जूलियन वेचे ने बताया, "जंगल से गुजरते वक्त 35 डिग्री सेल्सियस तापमान होता है और दूसरी ओर ऊंचाई पर पहुंचने पर तापमान -15 डिग्री सेल्सियस हो जाता है."

किलिमानाजारो के 200 किलोमीटर पश्चिम को नगोरोंगोरो ज्वालामुखी था जो ऊंचाई में किलिमानाजारो को चुनौती देता था. नष्ट होने से पहले इसकी उंचाई 4500 से 4800 मीटर थी. यह पृथ्वी पर सबसे लंबी दूरी तक फैला ज्वालामुखी है. इसका व्यास 22.5 किलोमीटर तक फैला हुआ है.

यहाँ स्थानीय वन्य जीव काफी पाए जाते हैं. वेचे कहते हैं, "ज्वालामुखी से निकलने वाला जल प्रपात हरियाली की वजह से शेर, जंगली भैंसे, ज़ीब्रा, राईन्हो इत्यादि जानवर भी पाए जाते हैं."

ये इंडोनेशिया के फ्लोरेस द्वीप में स्थित है. वेचे कहते हैं, "एक हरा दिखता है, तो दूसरा गहरा लाल दिखता है और तीसरा काला नज़र आता है." वैज्ञानिकों के मुताबिक ज्वालामुखी के मुँह पर बनी झील का रंग रासायनिक प्रतिक्रियाओं के चलते होता है.

लेकिन स्थानीय लोग कुछ और ही कारण बताते हैं. सन्नी मेवाती कहते हैं, "स्थानीय लोगों का मानना है कि यहां की झील में आत्माएँ शांति से रहती हैं. आत्माओं के प्रवाह से झीलें रंग बदलती हैं."

हवाई के ज्वालामुखी सक्रियता और लैंडस्केप की वजह से जाने जाते हैं. हवाई का सबसे युवा ज्वालामुखी केलाऊया 1983 से सक्रिय है. माउना केया दस लाख साल पुराना है.

यह समुद्री तट से 4,205 मीटर ऊंचा है. लेस्ली सिमंस कहती हैं, "यह ख़ूबसूरत है. इसके साथ एक जमी हुई झील भी है जहां 10 घंटे की चढ़ाई तय कर पहुंच सकते हैं."

यह दुनिया का सबसे मशहूर और सक्रिय ज्वालामुखी है. शताब्दियों से यह कलात्मक लैंडस्केप बनाने की वजह से मशहूर रहा है. वेचे बताते हैं, "यह जापान का नेशनल सिंबल है."

बर्फ़ से ढके पर्वत के अलावा यहां का ओकिघारा जंगल भी लोगों को खूब आकर्षित करता है. ज्वालामुखी सक्रिय जरूर है लेकिन इसमें 1707 के बाद से विस्फोट नहीं हुआ है.

स्रोत: palpalindia.com

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