नई दिल्ली,मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ,New Delhi, CPI, सांप्रदायिक रूप से ध्रुवीकृत करने की कोशिश

२२ मई, २०१५ ८:४३ पूर्वाह्न

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बयान में कहा गया है, "आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) की राजनीतिक शाखा के रूप में केंद्र में सत्तासीन दक्षिणपंथी सांप्रदायिक पार्टी, भाजपा के बारे में सभी आशंकाएं पिछले एक साल में सच साबित हुई हैं।"

माकपा ने कहा, "भाजपा सरकार ने आरएसएस के एजेंडे को व्यवस्थित तरीके से लागू करने की कोशिश की है। इसने उच्च शिक्षा संस्थानों में आरएसएस के घोषित लोगों को घुसाया है, पाठ्यक्रम को सांप्रदायिक बनाया है। ताजा घटना भारतीय ऐतिहासिक अनुसंधान परिषद (आईसीएचआर) में तथाकथित व्यापक फेरबदल की है, जहां अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित भारतीय इतिहासकारों को इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया गया।"

बयान में कहा गया है, "सरकार ने अपने उन मंत्रियों और सांसदों के खिलाफ कार्रवाई करने से इंकार कर दिया है, जिन्होंने अपने घृणास्पद भाषणों के जरिए लोगों को भड़काया है और सांप्रदायिक रूप से उन्हें ध्रुवीकृत करने की कोशिश की है। देश के विभिन्न हिस्सों से सांप्रदायिक टकराव की घटनाओं और दंगों की खबरें आ रही हैं।"

बयान में कहा गया है, "दो सप्ताह के भीतर पेट्रोल और डीजल के मूल्यों में दो बार भारी वृद्धि की गई है। अन्य वस्तुओं की महंगाई के साथ यह मूल्य वृद्धि ग्रामीण भारत, खासतौर से किसानों पर एक आपराधिक हमला है, वह भी उन किसानों के ऊपर जिन्हें पिछले एक वर्ष के दौरान मौसम के कई थपेड़ों से जूझना पड़ा है।"

माकपा ने कहा है, "भाजपा उन कई मुद्दों पर पलट गई है, जिनका उसने संप्रग सरकार के दौरान विरोध किया था, जैसे कि खुदरा में एफडीआई।"

बयान में आगे कहा गया है, "भूमि अधिग्रहण विधेयक पर पलटना एक अनूठा मामला है। लेकिन राज्यसभा में विपक्ष की एकजुटता के कारण सरकार इस विधेयक को एक संयुक्त संसदीय समिति के पास भेजने के लिए मजबूर हुई है।"

पार्टी ने कहा, "मोदी सरकार जिस तरीके से संसदीय लोकतंत्र को कमजोर कर रही है, वह अभूतपूर्व है।"

स्रोत: deshbandhu.co.in

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