नौ लाख की घड़ी और 45 हजार का जूता पहनने वाले बीरेंद्र सिंह किसानों के हितैषी नहीं

२२ मई, २०१५ ८:४५ पूर्वाह्न

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नौ लाख की घड़ी और 45 हजार का जूता पहनने वाले बीरेंद्र सिंह किसानों के हितैषी नहीं

जींद : केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र का यह बयान देना कि मैं नौ लाख रुपये की घड़ी और 45 हजार का जूता पहनता हूं, उनके लिए परेशानी का सबब बन गया है. बीरेंद्र सिंह के इस बयान सेबांगर इलाके के खाप चौधरी नाराज हो गये हैं. कंडेला खाप के प्रतिनिधि बलजीत कंडेला, खटकड खाप के प्रतिनिधि कृष्ण खटकड, सातरोल खाप के प्रतिनिधि सतबीर करसिंधू ने कहा कि आज देश के अधिकतर किसानों के घरों में सही ढंग से चूल्हे तक नहीं जल पा रहे हैं.

बेमौसमी बारिश व ओलावृष्टि से किसानों की न केवल फसलें बर्बाद हो चुकी हैं, बल्कि उनके सालभर के सपने भी चकनाचूर हो गये हैं. ऐसे में 9 लाख रुपये की घड़ी और 45 हजार रुपये कीमत के जूते पहनकर किसान होने का दावा करने वाले चौधरी बीरेंद्र सिंह आम किसान के हितैषी कभी नहीं हो सकते. उन्होंने कहा कि शीघ्र ही जींद में प्रदेश की खापों को आमंत्रित करके बीरेंद्र सिंह की असलियत को उजागर करने के लिए आंदोलन चलाया जायेगा.

खटकड खाप के प्रवक्ता रहे बांगर जागृति मंच के अध्यक्ष कृष्ण खटकड ने कहा कि चौधरी बीरेंद्र सिंह को ने जब अपनी घड़ी एवं जूतों की कीमत को उजागर करके अपने धनाढ्य होने का प्रमाण दे ही दिया है तो वे अपनी सारी की सारी संपत्ति को भी सार्वजनिक करें, ताकी किसानों के नाम पर राजनीति करने वाले नेता की असलियत का किसानों को पता चल सके.

कृष्ण खटकड ने आरोप लगाते हुए कहा कि चौधरी बीरेंद्र सिंह ने हमेशा ही बांगर के लोगों और प्रदेश के किसानों को गुमराह करने का काम किया है. यदि वे सही मायनों में बांगर के हितैषी होते तो कांग्रेस सरकार में केबिनेट मंत्री रहते उचाना कस्बे में सरकारी कालेज खुलवाते, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया, बल्कि अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए खुद की संस्था द्वारा संचालित राजीव गांधी के नाम से उचाना कस्बे में निजी कॉलेज खुलवाया. खटकड ने कहा कि अब भाजपा सरकार में केंद्रीय मंत्री रहते हुए भी उन्होनें बांगर के इलाके लिए कोई बड़ी परियोजना नहीं दी है.

स्रोत: palpalindia.com

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