निज़ामी शानो-शौकत और लजीज खाने के लिए मशहूर हैदराबाद

२२ मई, २०१५ ८:४५ पूर्वाह्न

14 0

निज़ामी शानो-शौकत और लजीज खाने के लिए मशहूर हैदराबाद

भारत के प्रमुख नगरों में से एक हैदराबाद अपनी ऐतिहासिक इमारतों और बहुसांस्कृतिक सभ्यता के लिए प्रसिद्ध है. आंध्र प्रदेश की राजधानी हैदराबाद तेलंगाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है. हिन्दू और मुसलमान के एकता और भाईचारे का प्रतीक यह शहर सूचना क्रांति के क्षेत्र में भी अग्रणी है. कुतुब शाही वंश के संस्थापक कुली कुतुब शाह ने 1591 ईसवी में मूसी नदी के किनारे हैदराबाद शहर बसाया था. 16वीं और 17वीं शताब्दी के दौरान कुतुब शाही सल्तनत का यहां शासन था. उसके बाद कुछ समय तक यहां मुगलों का भी शासन रहा.

खूबसूरत इमारतों, निजामी शानो-शौकत और लजीज खाने के कारण मशहूर हैदराबाद भारत के मानचित्र पर एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में अपनी एक अलग अहमियत रखता है. इस शहर को विविध संस्कृतियों के केंद्र के रूप में भी जाना जाता है. निजामों के इस शहर में आज भी हिंदू-मुस्लिम सांप्रदायिक सौहार्द्र से एक-दूसरे के साथ रहकर उनकी खुशियों में शरीक होते हैं.

हैदराबाद और सिंकदराबाद दो जुड़वाँ शहरों के नाम से जाने जाते हैं. इन दोनों शहरों को विभाजित करने वाली झील हुसैन सागर झील है, जो अपनी नायाब खूबसूरती के कारण पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र है. आंध्रप्रदेश की राजधानी हैदराबाद वर्तमान में सूचना प्रौद्योगिकी एवं जैव प्रौद्योगिकी के केंद्र के रूप में अपनी एक नई पहचान बना चुका है.

अपने लजीज मुगलई भोजन के साथ-साथ हैदराबाद निजामी तहजीब के कारण भी दुनिया भर में मशहूर है. स्वादप्रेमियों के लिए तो हैदराबाद जन्नत के समान है. यहाँ की लजीज बिरयानी और पाया की खूशबू दूर-दूर से पर्यटकों को हैदराबाद खींच लाती है. इस पर हैदराबाद के नवाबी आदर-सत्कार व खान-पान को देखकर आपको भी लगेगा कि वाकई में आप किसी निजाम के शहर में आ गए हैं.

हैदराबाद के मुख्य आकर्षण :- ‍निजामी ठाठ-बाट के इस शहर का मुख्य आकर्षण चारमीनार, हुसैन सागर झील, बिड़ला मंदिर, सालारजंग संग्रहालय आदि है, जो देश में हैदराबाद को एक अलग पहचान देते हैं.

वैसे तो आप वर्षभर में कभी भी हैदराबाद जा सकते हैं परंतु यदि आप यहाँ की झुलसाती गर्मी से बचना चाहते हैं तो अप्रैल-मई माह छोड़कर कभी भी हैदराबाद जा सकते हैं.

स्रोत: palpalindia.com

श्रेणी पृष्ठ पर

Loading...