पूरे परिवार को प्रभावित करती है भूलने की ये बीमारी, जानें- लक्ष्ण व इलाज

२० सितंबर, २०१८ १०:३८ पूर्वाह्न

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पूरे परिवार को प्रभावित करती है भूलने की ये बीमारी, जानें- लक्ष्ण व इलाज

नई दिल्ली [जागरण स्पेशल]। अल्जाइमर्स डिजीज को सिर्फ भूलने की बीमारी समझना एक भूल है, क्योंकि, रोगी की याददाश्त के अत्यधिक कमजोर होने के अलावा उसके परिवार के सदस्य भी अनेक समस्याओं से रूबरू होते हैं। आमतौर पर मिडिल एज व वृद्धावस्था में होने वाली इस जटिल बीमारी की चुनौती का सामना कैसे किया जाए? अल्जाइमर्स डिजीज डिमेंशिया का ही एक प्रकार है। डिमेंशिया की तरह अल्जाइमर्स में भी मरीज को किसी भी वस्तु, व्यक्ति या घटना को याद रखने में परेशानी महसूस होती है और अपनी भावनाओं को व्यक्त करने में भी दिक्कत महसूस होती है। आइए जानते हैं इस मर्ज के विभिन्न पहलुओं के बारे में। वर्ल्ड अल्जाइमर डे के संदर्भ में विवेक शुक्ला ने की कुछ विशेषज्ञ डॉक्टरों से बात...

अगर किसी व्यक्ति को अल्जाइमर्स डिजीज से संबंधित निम्नलिखित कोई लक्षण महसूस हों, तो उसे शीघ्र ही विशेषज्ञ डॉक्टर (न्यूरोफिजीशियन या न्यूरो सर्जन) से परामर्श करना चाहिए। डॉक्टर सबसे पहले यह निश्चित करते हैं कि वास्तव में ये लक्षण डिमेंसिया के प्रकार अल्जाइमर्स के हैं या फिर किसी और कारण से हैं। अल्जाइमर्स के प्रमुख लक्षण इस प्रकार हैं...

याददाश्त में कमी की समस्या से जूझ रहे व्यक्ति को डॉक्टर के परामर्श से नियमित रूप से दवा लेनी चाहिए। अल्जाइमर्स के कुछ कारणों का इलाज सर्जरी से सफलतापूर्वक किया जा सकता है। जैसे सबड्यूरल हिमेटोमा, नार्मल प्रेशर हाइड्रोसेफेलस और ब्रेन ट्यूमर या सिर की चोट आदि कारणों से अगर व्यक्ति अल्जाइमर्स से ग्रस्त हो जाता है, तब कुछ मामलों में सर्जरी से सफलता मिलती है। इसके अलावा मरीजों और उनके परिजनों को कुछ अन्य बातों पर भी ध्यान देना जरूरी है...

अल्जाइमर्स डिजीज से पीड़ित रोगियों की सुरक्षा का पहलू अत्यंत महत्वपूर्ण है। जैसे..

अगर कोई व्यक्ति अल्जाइमर्स डिजीज से ग्रस्त है, तो प्रारंभिक अवस्था में व्यक्ति को अपनी व्यक्तिगत साफ- सफाई और प्रसन्न रहने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। उसे प्रेरित करना चाहिए कि वह अपना कार्य स्वयं करे। इस संदर्भ में कुछ अन्य सुझाव इस प्रकार हैं..

स्रोत: jagran.com

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