भारत के प्रसिद्ध गणेश जी के मंदिर

१६ सितंबर, २०१८ ९:२३ पूर्वाह्न

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भारत के प्रसिद्ध गणेश जी के मंदिर

गणेश चतुर्थी का पर्व शुरू हो गया है. हम आपको गणेशोत्सव के मौके पर भारत के कुछ गणेश जी की मंदिरों के बारे में बताते हैं.

गणपति के प्रसिद्द मंदिरों में इस मंदिर का नाम सबसे पहले आता है. यह मंदिर मुंबई में स्थित है. कहा जाता है कि इस मंदिर को एक महिला ने बनवाया था जिसकी कोई औलाद नही थी. इस मंदिर में माथा टेकने के लिए बड़ी-बड़ी बॉलीवुड सेलिब्रिटी भी आती हैं.

गणपति बप्पा का यह मंदिर पुणे में बना हुआ है. यह मंदिर कई साल पहले श्रीमंत दगडूशेठ और उनकी पत्नी लक्ष्मीबाई ने अपने इकलौते बेटे की याद में बनवाया था जिसे उन्होंने प्लेग की बीमारी में खो दिया था. दोनों ने गणेश चतुर्थी के दिन गणेश जी की मूर्ति की स्थापना यहां करवाई थी. जिसके बाद अब हर साल ना केवल श्री दगडूशेठ का परिवार बल्कि आसपास के सभी लोग बड़े जोश के साथ यहां गणेश उत्सव मनाते हैं.

गणपति का यह मंदिर आंध्र प्रदेश के चित्तूर में है. कहा जाता है कि इस मंदिर में माथा टेकने से गणपति अपने भक्तों के सारे पाप हर लेते हैं. बप्पा का यह मंदिर नदी के बीचों बीच बना हुआ है. यह मंदिर 11वीं सदी में चोल राजा कुलोतुंग चोल प्रथम ने बनवाया था.

मंदिर का इतिहास साल 1666 से भी पहले का है. शास्त्रों में गणेशजी के कुल 16 रूपों का जिक्र किया गया है. इनमें पुडुचेरी के गणपति जिनका मुख सागर की तरफ है उन्हें भुवनेश्वर गणपति कहा गया है. तमिल में मनल का मतलब रेत और कुलन का मतलब सरोवर से है. बहुत समय पहले यहां गणेश मूर्ति के आसपास रेत ही रेत था इसलिए लोग इन्हें मनकुला विनयागर कहने लगे.

मधुर महागणपति मंदिर केरल में है. बताया जाता है कि शुरुआत में यह भगवान शिव का मंदिर था लेकिन पुजारी के छोटे बेटे ने मंदिर की दीवार पर भगवान गणेश की मूर्ति बना दी. दीवार पर बनाई हुई भगवान गणेश जी की मूर्ति धीरे-धीरे अपना आकार बढ़ाने लगी. उस समय से ये मंदिर भगवान गणेश का बेहद खास मंदिर बन गया.

राजस्थान के सवाई माधौपुर से लगभग 10 कि.मी दूर रणथंभौर के किले में बना गणेश जी का मंदिर भगवान को चिट्ठी भेजे जाने के लिए मशहूर है. खासियत यह है कि यहां रहने वाले लोगों के घर जब कोई मंगल कार्य होता है तो वे सबसे पहले निमंत्रण पत्र रणथंभौर मंदिर के नाम भेजते हैं.

मोती डूंगरी गणेश मंदिर राजस्थान में जयपुर का प्रसिद्ध मंदिर है. भगवान गणेश जी के इस मंदिर में लोगों की खास आस्था तथा विश्वास है. गणेश चतुर्थी के अवसर पर यहां काफी भीड़ रहती है.

गणेश टोक मंदिर में माथा टेकने के लिए बहुत सारी सीढियां चढनी पड़ती है. मंदिर के अंदर गणेश जी की विशाल और सुंदर प्रतिमा है. मंदिर के चारों तरफ परिक्रमा पथ से गंगटोक शहर का नजारा मन को मोह लेता है.

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स्रोत: palpalindia.com

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