माओवादियों का साउथ एशिया प्रवक्ता अभय नायक दिल्ली हवाई अड्डे से गिरफ्तार

१४ जून, २०१८ १२:३२ अपराह्न

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माओवादियों का साउथ एशिया प्रवक्ता अभय नायक दिल्ली हवाई अड्डे से गिरफ्तार

New Delhi: प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा माओवादी के साउथ एशिया प्रवक्ता अभय नायक उर्फ लोड्डा को छत्तीसगढ़ की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. अभय नायक गत छह जून को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया था. वह रोना विलसन और नागपुर के प्रोफेसर सोमा सेन का करीबी था. सूत्रों के मुताबिक पुलिस ने छह जून को गिरफ्तार दोनों व्यक्तियों से पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर ही अभय नायक को गत एक जून को दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया है.

जानकारी के मुताबिक अभय नायक पिछले कई सालों से पुलिस के लिए पहेली बना हुआ था. अभय के बारे में पुलिस को सबसे पहले पिछले साल बस्तर में गिरफ्तार नक्सलियों ने जानकारी दी थी. वह भाकपा माओवादी संगठन का प्रोपेगेंडा फैलाता था. संगठन के पक्ष में लेख और ब्लॉग लिखता था. उसके नाम से ही संगठन का प्रेस बयान जारी किया जाता था. नक्सलियों ने पुलिस को बताया था कि अभय ही संगठन के लिए अॉनलाइन सामग्री, प्रेस बयान और लेख तैयार करता है.

छत्तीसगढ़ में एंटी नक्सल ऑपरेशन के डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस डीएम अवस्थी ने मीडिया को जानकारी दी है कि वर्ष 2017 में पुलिस ने अभय के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी किया था. अभय पिछले कई वर्षों से विदेशों में यात्रा करता रहा है. उन देशों में यह धन और समर्थन जुटाने के लिए जाता रहा था. वह बेल्जियम, फ्रांस, यूके, मेक्सिको, इक्वेडोर, बोलिविया, कंबोडिया, सिंगापुर, इंडोनेशिया, रसिया और नेपाल आदि देशों की यात्रा पर भी गया था. इसके पास से लैपटॉप, पेन ड्राइव, हार्ड डिस्क एवं माओवादी साहित्य जब्त किया गया है. जब्त सामग्रियों से पता चलता है कि इसके भारत और दुनियाभर के माओवादी नेताओं और माओवाद से सहानुभूति रखने वाले लोगों से संम्बंध हैं. इसके पास से ऐसे कई साक्ष्य मिले हैं, जिसके आधार पर भविष्य में अनेक गिरफ्तारियां संभव हैं.

2008 में अभय ने इंडिया माइक्रो फाइनांस कंपनी के नाम से एक कंपनी भी शुरू किया था. और इसी कंपनी के नाम से ब्लॉग भी चलाता था. अभय की कंपनी में बहुत बड़ी मात्रा में पैसे का ट्रांजेक्शन हुआ है. पुलिस इस बात का जांच कर रही है कि किन किन लोगों द्वारा और किन किन देशों से इसको धन प्राप्त हुआ है. यह माओवादी को-ऑर्डिनेशन कमिटी (MCC) और संबंधित संगठनों का साउथ एशिया का काम देखता था. यह अर्बन माओइस्ट नेटवर्क का बहुत मजबूत लिंक था.

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स्रोत: newswing.com

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