मोदी, मल्लिका और एन इवनिंग इन पेरिस

२२ मई, २०१५ ८:४५ पूर्वाह्न

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मोदी, मल्लिका और एन इवनिंग इन पेरिस

अपने एक साल के कार्यकाल में भूटान, नेपाल से लेकर ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका तक की यात्रा कर भारत के राष्ट्रीय हितों को साधने के बाद अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लुक ईस्ट, लिंक वेस्ट पॉलिसी के तहत अपनी तीन देशों की यात्रा शुरू कर दी है. मोदी तीन देशों की यात्रा के पहले चरण में पेरिस पहुंचे जहां वह फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलोंद से वार्ता करेंगे और कारोबारी नेताओं से भी मुलाकात करेंगे. इस दौरान बातचीत के केंद्र में असैन्य परमाणु, रक्षा एवं व्यापारिक मुद्दे शामिल हैं.

फ्रांस की यात्रा के दौरान एक प्रमुख आकर्षण मोदी और ओलोंद की नाव की सवारी होगी जिसे नाव पर चर्चा बताया जा रहा है. दोनों नेता करीब घंटे भर तक क्रूज पर रहेंगे. मोदी की कई अंतरराष्ट्रीय नेताओं के साथ चाय पर चर्चा हो चुकी है जिसमें इस वर्ष अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के साथ चर्चा शामिल है.

फ्रांस की यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री प्रथम विश्व युद्ध स्मारक जाएंगे और फ्रांस की ओर से लड़ते हुए सर्वस्व न्योछावर करने वाले करीब 10 हजार भारतीयों को श्रद्धांजलि देंगे. मोदी यूनेस्को के मुख्यालय भी जाएंगे, साथ ही एयरबस सुविधा केंद्र और फ्रांस की अंतरिक्ष एजेंसी के कार्यालय भी जाएंगे.

पहले चरण की यात्रा समाप्त करने के बाद मोदी जर्मनी जाएंगे जहां उनकी व्यस्तताओं में कारोबार एवं प्रौद्योगिकी से जुड़े विषय शामिल हैं और जिनका मकसद मेक इन इंडिया अभियान में हिस्सेदारी को आकर्षित करना है. तीसरे चरण में मोदी कनाडा जाएंगे. यह पिछले 42 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली कनाडा यात्रा होगी.

वहीं दूसरी ओर मल्लिका शेरावत को यूनेस्को की तरफ़ से एक न्योता मिला है जिसमें उन्हें पेरिस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सुनने के लिए आमंत्रित किया गया है. मल्लिका ने ट्वीट किया, इस निमंत्रण से अभिभूत हूं. हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भाषण सुनने के लिए बेताब हूं.

इस निमंत्रण के मुताबिक शुक्रवार की दोपहर नरेंद्र मोदी यूनेस्को हाउस में अपना भाषण देंगे. मल्लिका शेरावत कई बार ये कहती आई हैं की वो नरेंद्र मोदी से बहुत प्रभावित हैं और उनकी इच्छा हैं की वो बस एक बार उनसे मिल सकें. ऐसा नहीं हैं की ये पहली बार हैं इससे पहले भी मल्लिका शेरावत नरेंद्र मोदी के प्रति अपनी दीवानगी को ज़ाहिर कर चुकी हैं. अब देखना ये है कि वो मोदी से मिल भी पाती हैं या उनका भाषण सुनकर ही लौट आएँगी.

फ्रांस की राजधानी पेरिस है. यह यूरोपीय संघ का सदस्य है. फ्रांस कई क्षेत्रों और विभागों में विभाजित है. फ्रांस यूरोपीय संघ का एक संस्थापक सदस्य है. इसका क्षेत्रफल किसी भी अन्य सदस्य देश से सबसे ज्यादा है. फ्रांस से प्रवाहित होने वाली कई नदियों में से दो नदियां प्रमुख हैं, सीन और लोयर. फ्रांस के उत्तर और पश्चिम में निचली पहाड़ियों और नदी घाटियां हैं. यहां राजधानी पेरिस पर्यटन और फैशन का मुख्य केंद्र है. पेरिस के एफिल टावर को देखने दुनिया भर से लोग आते हैं.

पेरिस में लौवर दुनिया के सबसे बड़े और सर्वाधिक प्रसिद्ध संग्रहालयों में से एक हैं, 1793 में जिसे पुराने शाही महल में नए क्रांतिकारी शासन व्यवस्था द्वारा बनवाया गया था. फ्रांसिसी और अन्य कलाकारों की कलाएं जैसे कि लियोनार्डो डी विंची की मोनालिसा और पारंपरिक यूनानी वीनस डी मिलो तथा मिस्र और मध्य-पूर्व की प्राचीन कला और संस्कृति के नमूने यहां बड़े पैमाने पर रखे गए हैं.

फ्रांस विविध स्वदेशी लोक संगीत के साथ ही अफ्रीका, लैटिन अफ्रीका और एशिया से आई शैलियों को भी अपने में समेटे हुए हैं. शास्त्रीय संगीत के क्षेत्र में, फ्रांस ने गेब्रियल फॉरे जैसे कई दिग्गज संगीतकार को दिया, जबकि आधुनिक पॉप संगीत में लोकप्रिय फ्रेंच हिप-हॉप, फ्रेंच रॉक, टेक्नो/फंक और टर्नटेबिलिस्ट/डीजे को फलते-फूलते देखा जाता है.

फ्रांस ने एक संगीत उत्सव फेटे डे ला म्युसिक्वे (पहली बार 1982 में आयोजित) का सृजन किया, जो तबसे विश्वव्यापी बन चुका है. यह गर्मी के समय प्रत्येक 21 जून को हुआ करता है.

फ्रांस में पत्रकारिता की बात की जाए तो पिछली सदियों से राष्ट्रीय दैनिकों (जैसे कि ले मोंडे और ले फिगारो) की तुलना में क्षेत्रीय प्रेस (फ्रांस के अखबारों की सूची देखें) कहीं अधिक महत्वपूर्ण हैं: 1939 में दैनिकों समाचारपत्रों के बाजार में 2/3 राष्ट्रीय दैनिक समाचारपत्र थे, जबकि आज 1/4 से भी कम हैं. पत्रिका बाजार में इस समय टीवी नामांकित पत्रिकाओं का बोलबाला है, इसके बाद ले नॉवेल ऑब्जवेटेयुर, एल'एक्सप्रेस और ले प्वाइंट जैसी समाचार पत्रिकाएं हैं.

स्रोत: palpalindia.com

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