लालू ने पिया जहर, नीतीश को माना मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार

८ जून, २०१५ ४:२१ अपराह्न

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लालू ने पिया जहर, नीतीश को माना मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार

जेडीयू की मांग पर कई हफ्तों तक विरोध जताने के बाद आखिरकार सोमवार को आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद ने बिहार विधानसभा चुनाव के लिए नीतीश कुमार को ‘धर्मनिरपेक्ष गठबंधन’ की ओर से मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के तौर पर स्वीकार कर लिया और कहा कि वह सांप्रदायिकता के ‘कोबरा सांप’ को कुचलने के लिए हर ‘जहर’ पीने को तैयार हैं.

नई दिल्ली में इसी संवाददाता सम्मेलन में नीतीश को आरजेडी-जेडीयू गठबंधन की ओर से मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया गया.

दोनों दलों के बीच समझौते का सूत्रधार सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव को माना जा रहा है. मुलायम ने कहा कि वह बिहार के इन दोनों प्रमुख दलों के बीच एकजुटता होने से खुश हैं.

उन्होंने कहा कि वे ‘सांप्रदायिक ताकतों’ को उखाड़ फेंकने के लिए मिलकर साथ लड़ेंगे.

लालू ने मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवारी को लेकर नीतीश कुमार के साथ मतभेदों को ज्यादा तवज्जो नहीं देने का प्रयास करते हुए कहा कि कोई विवाद नहीं है.

आरजेडी नेता ने याद किया कि उन्होंने किस तरह से राज्यसभा चुनाव में जेडीयू का समर्थन किया था.

बिहार की राजनीति पर पैनी नजर रखने वालों का मानना है कि लालू मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार नीतीश को बनाए जाने का विरोध करते रहे हैं.

बिहार विधानसभा चुनाव से पहले जनता दल यूनाइटेड और राष्ट्रीय जनता दल के बीच गठजोड को ‘‘नौटंकी’’ करार देते हुए केन्द्रीय मंत्री एवं लोक जनशक्ति पार्टी के प्रमुख राम विलास पासवान ने नीतीश कुमार और लालू प्रसाद की सरकारों को राज्य में अराजकता के लिए जिम्मेदार ठहराया.

केन्द्रीय खाद्य, उपभोक्ता मामलों के मंत्री पासवान ने कहा कि जेडीयू और आरजेडी के बीच गठजोड ‘नौटंकी’ है.

उन्होंने कहा कि बिहार में अराजकता के लिए यदि किसी को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए तो वह लालू और राबडी देवी का 15 साल तथा नीतीश कुमार का दस साल का शासन है.

पासवान ने कहा कि नीतीश और लालू के साथ आने से बिहार को कोई फायदा नहीं होगा.

पासवान ने दावा किया कि बिहार के आगामी विधानसभा चुनाव में राजग दो तिहाई बहुमत प्राप्त करेगा.

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स्रोत: samaylive.com

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