हफ्ते में 50-60 घंटे काम करते हैं फेसबुक संस्थापक मार्क ज़ुकरबर्ग

२२ मई, २०१५ ८:४५ पूर्वाह्न

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हफ्ते में 50-60 घंटे काम करते हैं फेसबुक संस्थापक मार्क ज़ुकरबर्ग

नई दिल्ली. फेसबुक यूज़र्स के लिए मंगलवार को सुखद अनुभव रहा कि उन्हें फेसबुक संस्थापक मार्क ज़ुकरबर्ग से सवालों के जवाब मिले. एक घंटे के Q&A सेशन में मार्क के जवाबों को बड़ी संख्या में लोगों ने लाइक किया. मार्क ने मशहूर पॉप गायिका शकीरा और वर्जिन ग्रुप के संस्थापक रिचर्ड ब्रैनसन जैसे सेलेब्रिटी समेत कुल 16 लोगों के सवालों के जवाब दिए.

मार्क ज़ुकरबर्ग से पूछा गया कि फेसबुक पर डिसलाइक बटन कब शुरू होगा तो उन्होंने इस सवाल की अनदेखी की. मार्क से एक सवाल किया गया कि वे हफ्ते में कितने घंटे काम करते हैं. इस पर उनका जवाब था- "अगर आप ऑफिस की बात कर रहे हैं तो मैं हफ्ते में 50 से 60 घंटे वहां रहता हूं. हां अगर आप काम पर फोकस के बारे में कहे तो उसे तो आप मेरा पूरा जीवन काल ही कह सकते हैं." उनके निजी जीवन के संबंध में भी सवाल पूछे गए. किसी ने मार्क से यह पूछा कि वे अक्सर ग्रे कलर की शर्ट पहनते हैं, क्या दूसरे रंग उन्हें पसंद नहीं आते? किसी ने उनके कुत्ते के बारे में सवाल पूछा. मार्क से ये भी पूछा गया कि फेसबुक का भविष्य वो कैसा देखते हैं?

मशहूर गायिका शकीरा ने मार्क से सवाल किया, "आप हमें यह बतायें कि वंचित समुदाय के लोगों को शिक्षा देने के लिए टेक्नोलॉजी को किस तरह उपयोगी उपकरण की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है? इस सवाल का जवाब मार्क ने दिया- "यह सवाल पूछने के लिए आपका धन्यवाद. मैं व्यक्तिगत सीखने को लेकर बहुत उत्साहित हूं. तकनीक का इस्तेमाल अगर व्यक्तिगत शिक्षा के लिए हो, तो बहुत अच्छा रहता है. आजकल कई ऐसे महान स्कूल हैं, जहां टेक्नोलॉजी के जरिये अलग तरह की शिक्षा देने की कोशिश हो रही है. मैं खुद भी इसके लिए प्रयासरत हूं. फेसबुक के जरिये भी सॉफ्टवेयर ऐसे टूल के निर्माण में मदद कर रहा है."

रिचर्ड ब्रैनसन ने मार्क से यह सवाल किया- "दुनिया के वैसे दो तिहाई लोग जिनके पास इंटरनेट की पहुंच नहीं है, उनके साथ संबंध बनाना कितना कठिन है? इस संबंध में मैं आपकी राय जानना चाहता हूं?"

मार्क ने जवाब में लिखा, "आज जब हम बात करते हैं पूरी दुनिया को जोड़ने की, तो लोग उनके फायदे शिक्षा, स्वास्थ्य और कैरियर से जोड़कर देखते हैं. लेकिन एक चीज को हम भूल जाते हैं और चर्चा में उसपर ध्यान नहीं देते हैं कि जो पहले से कनेक्टेड है वह दूसरों के साथ जुड़ने का फायदा उठा रहे हैं. जरा उनके बारे में सोचें, जिनके पास पूरी दुनिया को बदलने के लिए महान विचार और आइडिया हैं. अगर हम जनसंख्या को पैमाना मानें, तो ऐसे लोगों की दो तिहाई आबादी के पास इंटरनेट कनेक्शन नहीं है, लेकिन जैसे ही वे कनेक्टेड होंगे, पूरी दुनिया को इसका फायदा मिलेगा."

स्रोत: palpalindia.com

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