ISRO की अंतरिक्ष में ऊंची छलांग की तैयारी

२२ मई, २०१५ ८:४५ पूर्वाह्न

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ISRO की अंतरिक्ष में ऊंची छलांग की तैयारी

नई दिल्ली. अंतरिक्ष में नई उंचाइयों को छू रहा भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) भारी उपग्रहों के प्रक्षेपण में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए अत्याधुनिक भारी उपग्रह प्रक्षेपण यान एलवीएम-3 का प्रक्षेपण करेगा. इस प्रक्षेपण यान के परिचालन में आने के बाद भारत भारी उपग्रहों के प्रक्षेपण में आत्मनिर्भर हो जाएगा. इसके साथ ही अरबों डॉलर के वैश्विक अंतरिक्ष कारोबार में भारत की धाक भी बढ़ेगी, क्योंकि भारत कई अन्य देशों के भारी उपग्रह भी भेज पाएगा.

इसरो के उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार एलवीएम-3 का प्रक्षेपण वर्ष 2016 के अंत या वर्ष 2017 के शुरू में हो सकता है. यह प्रक्षेपण यान 4 टन वजनी जीसैट श्रृंखला के संचार उपग्रहों को पृथ्वी की भू-तुल्यकालिक अंतरण कक्षा (जीटीओ) में स्थापित करने की क्षमता रखता है. पीएसएलवी अधिकतम 1,600 किलोग्राम वजनी उपग्रहों को पृथ्वी की कक्षा में स्थापित करने की योग्यता रखता है.

स्रोत: palpalindia.com

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