#MeToo की भड़की चिंगारी अब कईयों की लेगी बलि

११ अक्‍तूबर, २०१८ १०:५४ पूर्वाह्न

2 0

#MeToo की भड़की चिंगारी अब कईयों की लेगी बलि

इन्हीं आरोपों पर फिल्म जगत के लोगों ने एक्शन लिया। मीडिया संस्थानों ने एक्शन लिया। क्या सरकार को एमजे अकबर के मामले में चुप ही रहना चाहिए। क्योंकि एमजे का मामला भी उनके पत्रकारिता के दिनों का मामला है। आखिर जब सारे संस्थान नैतिकता के आधार पर एक्शन ले रहे हैं तो फिर एम जे अकबर खुद भी पहल कर ही सकते हैं। बहुत लोग सोच रहे होंगे कि लड़कियां किसी पर भी अनाप-शनाप आरोप लगा देंगी। बदनाम कर देंगी। ऐसा भी होता है, लेकिन ऐसा नहीं हो सकता कि जो आरोप लगा रहा है वो गलत ही है। इसलिए सबसे पहले सुनिए। हम जानते हैं कि महिलाओं के साथ छेडख़ानी आम बात है। अगर वह कह रही हैं तो बात सही हो सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने इसके लिए बाकायदा गाइडलाइन बनाई है, उसके हिसाब से जांच होगी। इसलिए नाहक आशंका फैलाने की जरूरत नहीं है। भाजपा के सांसद उदित राज ने जो बयान दिया ठीक इसी तरह का बयान ट्रंप ने अमेरिका में दिया है। ट्रंप ने जिसे सुप्रीम कोर्ट के लिए जज मनोनीत किया उसे लेकर वहां लंबी बहस चली कि जिस आदमी को आप नियुक्त कर रहे हैं उसका किरदार अच्छा नहीं है। अंत में ट्रंप ने उसे जज बनाया। आप उदित राज को सुनिए तो फिर समझ जाएंगे कि अंत में एमजे अकबर का कुछ नहीं होगा!

इसलिए सुशील महापात्रा ने दि वायर की पत्रकार आर शेरवानी से इसके बारे में पूछा है.

यह भी पढ़ें: अपने 20 माह के अनुभव पर ट्रंप, यह दुनिया बहुत कपटी और अनैतिक है

स्रोत: mahanagartimes.com

श्रेणी पृष्ठ पर

Loading...