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PNB घोटाला में हीरा कारोबारी नीरव मोदी और कई आभूषण कंपनियां जांच के घेरे में

१५ फ़रवरी, २०१८ ३:५४ पूर्वाह्न
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PNB घोटाला में हीरा कारोबारी नीरव मोदी और कई आभूषण कंपनियां जांच के घेरे में

नई दिल्ली. पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) ने माना है कि मुंबई स्थित उसकी एक शाखा के जरिए 11 हजार करोड़ रुपये की धोखाधड़ी हुई है. चूंकि इस मामले में कुछ और बैंकों की शाखाओं के इस्तेमाल होने की आशंका है, इसीलिए वित्त मंत्रालय ने तमाम बैकों से इस बारे में हर जरुरी जानकारी सप्ताहांत तक देने को कहा है. पंजाब नेशनल बैंक की ओर से सीबीआई को बिलेनायर ज्वैलरी डीजाइनर नीरव मोदी के खिलाफ और ज्वैलरी कंपनी में हुए 11 हजार करोड़ रुपये के फर्जी लेन देन की दो शिकायतें मिली हैं. यह जानकारी आधिकारिक सूत्रों ने दी है. बैंक का आरोप है कि नीरव, उनके भाई निशाल, पत्नी अमी और मेहुल चीनूभाई चोकसी ने बैंक के अधिकारियों के साथ साज़िश रची और फ्रॉड ट्रांजैक्शन्स को अंजाम दिया.

पिछले हफ्ते भी सीबीआई ने नीरव मोदी के खिलाफ जांच करने की बात कही थी. बता दें कि नीरव मोदी की गिनती देश ही नहीं, बल्कि दुनिया के सबसे अमीर एंटरप्रेन्योर में होती है. वे पहले ऐसे कारोबारी हैं जिनका जिनका नाम ही उनका ब्रांडनेम बन गया है. वे फ़ायरस्टार डायमंड के संस्थापक हैं और उनके ग्राहकों में दुनिया के बड़े बिजनेसमैन से लेकर सेलेब्रिटी और राज घरानों के लोग शामिल हैं. एजेंसी को यह शिकायत बैंक की ओर से बीती रात को हुए लेनदेन के संबंध में मिली है. शिकायत के अनुसार बैंक की ब्रांच में हुए फर्जी लेनदेन की बात कही गई है. उन्होंने बताया कि इन आरोपों की जांच की जा रही है और भविष्य में की जाने वाली कार्रवाही का निर्णय जल्द लिया जाएगा.

इस घोटाले में कई बड़ी आभूषण कंपनियां मसलन गीतांजलि, गिन्नी और नक्षत्र भी विभिन्न जांच एजेंसियों की जांच के दायरे में आ गई हैं. पंजाब नेशनल बैंक ने बुधवार की सुबह खुलासा किया कि उसने 1.77 अरब डालर (11,346 करोड़ रुपये) का धोखाधड़ी वाले लेनदेन पकड़ा है. इस मामले को वसूली के लिए विधि प्रवर्तन एजेंसियों को भेज दिया गया है. सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘चार बड़ी आभूषण कंपनियां गीतांजलि, गिन्नी, नक्षत्र और नीरव मोदी जांच के घेरे में हैं. सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय उनकी विभिन्न बैंकों से सांठगाठ और धन के अंतिम इस्तेमाल की जांच कर रहे हैं.’ इन कंपनियों से तत्काल प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई है. अधिकारी ने कहा कि वित्त मंत्रालय से सख्त निर्देश है कि कोई बड़ी मछली बचने न पाए और ईमानदार करदाता को किसी तरह की परेशानी न हो. अधिकारी ने कहा कि बैंक अब अपनी प्रणाली और प्रक्रियाओं की जांच कर रहे हैं ताकि इस तरह का घोटाले की पुनरावृत्ति न हो. सभी बैंकों से जल्द से जल्द स्थिति रिपोर्ट देने को कहा गया है. वर्ष 2015 में बैंक आफ बड़ौदा में भी दिल्ली के दो कारोबारियों द्वारा 6,000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया था.

स्रोत: palpalindia.com

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